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भारतीय सेना को मिले 491 युवा अफसर, अनुशासन और गर्व का ऐतिहासिक पलयुवा अफसरों ने ली देश की हिफाजत की सौगंध

देहरादून। आईएमए देहरादून 157वीं पासिंग आउट परेड। चेहरे पर मुस्कान, दिलों में जज्बा और देश पर मर मिटने को तैयार जांबाज। सरहद की निगहबानी के लिए 491 युवा अफसरों ने सौगंध ली। किसी ने सैन्य विरासत तो किसी ने कठिन परिश्रम से पाया मुकाम पाया।

देहरादून आईएमए परेड के दौरान शनिवार को अनुशासन और गर्व का ऐतिहासिक पल देखने को मिला। थल सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने परेड की समीक्षा की और सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले कैडेट्स को बधाई दी। उन्होंने नव-नियुक्त अधिकारियों से भारतीय सेना की परंपराओं का पालन करते हुए निष्ठा और समर्पण के साथ राष्ट्र सेवा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सेना में कमीशन मिलना जिम्मेदारी भरे जीवन की शुरुआत है।

कैडेट्स को संबोधित करते हुए थल सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने कहा कि सैन्य सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि ऐसा दायित्व है जो सर्वोच्च त्याग की मांग करता है।

उन्होंने कहा कि अकादमी से पास आउट होने के बाद भले ही हर कदम पर कोई मार्गदर्शक साथ न हो, लेकिन तब आपके कंधों पर कहीं बड़ी जिम्मेदारी होगी। कहा कि एक अधिकारी के रूप में आपके आचरण, अनुशासन और निर्णय लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बनेंगे।

देश और समाज आपको एक रोल मॉडल के रूप में देखेगा, ऐसे में आपके हर कार्य में मूल्य, कर्तव्य और राष्ट्र के प्रति निष्ठा झलकनी चाहिए।

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