तिरुपति लड्डू विवाद: भगवानपुर में घी की कंपनी पर छापा, उत्तराखंड FSD और आंध्र प्रदेश की टीम ने लिए सैंपल
अब नया खुलासा: जिसे टेंडर मिला, उसने बनाया ही नहीं घी, तीन कंपनियों ने मिलकर किया घालमेल

तिरुपति लड्डू प्रसादम विवाद का उत्तराखंड कनेक्शन
इस मामले को लेकर पूरे देश में है रही चर्चा
तिरुपति। तिरुपति बाला जी मंदिर के प्रसाद में लिए जाने वाले लड्डू के घी में मिलावट के मामले को लेकर रविवार को आंध्र प्रदेश और उत्तराखंड खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने भगवानपुर स्थित घी बनाने वाली एक कंपनी पर छापा मारा। इस कंपनी में बने घी का इस्तेमाल तिरुपति बाला मंदिर के प्रसाद वाले लड्डू में हो रहा था। टीम ने कंपनी में रखे घी के सैंपल लिए हैं। साथ ही दस्तावेजों को भी जब्त किया गया है। जांच अभी चल रही है। साथ ही किसी को भी कंपनी के भीतर जाने की अनुमति नहीं है।
आंध्रप्रदेश स्थित तिरुपति बाला जी के मंदिर में लड्डू का जो प्रसाद दिया जा रहा था उसके घी में मिलावट की बात सामने आई थी। घी में पशु की चर्बी होने तक की बात कही गई थी। इस मामले को लेकर पूरे देश में चर्चा रही। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले का संज्ञान लिया। मामले की जांच पड़ताल उच्च स्तर पर चल रही है। जांच पड़ताल में सामने आया है कि मंदिर से मिलने वाले प्रसाद लड्डू में जो घी इस्तेमाल हो रहा था।
यहां घी की सप्लाई तिरुपति बाला जी मंदिर में हो रही थी। जिसके चलते आंध्र प्रदेश व उत्तराखंड की खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने रविवार को कंपनी पर छापा मारा। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने यहां घी, दूध और अन्य सैंपल लिए हैं।
कंपनी से यहां से ही घी की सप्लाई हो रही थी। वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी योगेंद्र पांडेय ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। कंपनी में मिले घी व अन्य सामान के सैंपल लिए गए हैं। बताया गया है कि अब तक 70 हजार किलोग्राम घी की आपूर्ति मंदिर को हो चुकी है।
अब नया खुलासा
तिरुपति लड्डू प्रसादम विवाद पर अब नया खुलासा हुआ है जिसके अनुसार तमिलनाडु की जिस कंपनी को घी बनाने का ठेका दिया गया था उसने घी बनाया ही नहीं बल्कि इसे किसी तीसरी कंपनी से ही खरीदा गया। कुल मिलाकर तीन कंपनियों के आपस के घालमेल के बाद मिलावटी घी तिरुपति मंदिर तक पहुंचा। जानिए पूरे मामले पर और क्या-क्या सामने आई जानकारी। इस साल जून और जुलाई में लड्डू प्रसादम बनाने के लिए तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) पहुंचे मिलावटी घी के आठ टैंकर तमिलनाडु के उस एआर. डेयरी फूड प्राइवेट लिमिटेड में नहीं बने थे, जिसे आपूर्ति का ठेका दिया गया था।
ई-इनवायस, ई-वे बिल और टैंकर परिवहन दस्तावेज के आधार पर आंध्र प्रदेश के वाणिज्यिक कर विभाग ने पाया कि सभी आठ वाहन वैष्णवी डेयरी स्पेशलिटी प्राइवेट लिमिटेड, तिरुपति से निकले थे और टीटीडी तक आए थे। यह टेंडर की शर्तों का उल्लंघन था, क्योंकि घी के व्यापार की अनुमति नहीं थी।




