सम्पूर्ण क्रांति के जनक भारत रत्न जयप्रकाश नारायण को सर्वोदय मण्डल ने दी श्रद्धांजलि

देहरादून। लोकनायक भारत रत्न जयप्रकाश नारायण जी की जयंती के अवसर पर सर्वोदय मण्डल द्वारा श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत सर्वोदय मण्डल के अध्यक्ष यश वीर आर्य द्वारा जेपी के चित्र पर माल्यार्पण कर की गई।
कार्यक्रम में जेपी के संपर्क में रहे श्री जसपाल सिंह दुग्गल ने बताया कि जेपी अपने सहयोगियों का किस प्रकार सम्मान करते थे। श्री सुरेंद्र सिंह सजवान ने देश की आजादी से लेकर सम्पूर्ण क्रांति तक जेपी की भूमिका पर प्रकाश डाला।
युवक राजू सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने घर से 14 किलोमीटर दूर उनके गांव जाकर लोगों से उनकी जीवन यात्रा के बारे में जाना। सुश्री विमला ने कहा कि जेपी के कार्यों का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार होना चाहिए। डॉ. इंदु शुक्ला ने आपातकाल के दौरान जेपी सहित देश भर के लोगों की जेल यात्रा का स्मरण किया और बताया कि उनके पति भी उस आंदोलन में शामिल रहे। श्री विजय जराधारी ने जेपी के साथ-साथ उनकी पत्नी प्रभा देवी जी की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए सचिव कुसुम रावत ने बताया कि आपातकाल के दौरान चंडीगढ़ जेल में लिखी गई जेपी की कविता “शोध की मंजिलें” संघर्ष और न्याय के पथ पर चलने का संदेश देती है और काफी प्रसिद्ध हुई।
कार्यक्रम के समापन पर अध्यक्ष यश वीर आर्य ने कहा कि आज की दशा में किसी को फिर से जेपी बनना होगा और एक बार पुनः सम्पूर्ण क्रांति का बिगुल बजाना होगा। कार्यक्रम के आयोजन में नवीन मित्तल का आभार व्यक्त किया गया।



