रक्षाबंधन से पहले जीआरपी की बड़ी कामयाबी 152 गुम मोबाइल बरामद

22 राज्यों तक पहुंची पुलिस की तलाश
31 लाख रुपये के मोबाइल असली मालिकों को लौटाए
हरिद्वार(चंद्रशेखर जोशी)। रक्षाबंधन और त्योहारी सीजन से पहले जीआरपी उत्तराखंड पुलिस ने यात्रियों और आमजन को बड़ी राहत देते हुए गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी में सफलता हासिल की है। जीआरपी पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीमों ने तकनीकी संसाधनों, सर्विलांस और लगातार की गई निगरानी के माध्यम से 152 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद मोबाइल फोनों की कुल अनुमानित कीमत करीब 31 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस की इस कार्रवाई की खास बात यह रही कि गुम हुए मोबाइलों को देश के 22 अलग-अलग राज्यों से तलाश कर बरामद किया गया।
बरामद किए गए सभी मोबाइल फोन आवश्यक सत्यापन और वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनके वास्तविक स्वामियों को वापस सौंप दिए गए। लंबे समय से मोबाइल फोन वापस मिलने की उम्मीद लगाए बैठे लोगों को जब पुलिस से अपना फोन मिला तो उनके चेहरे पर खुशी साफ नजर आई। त्योहार से ठीक पहले मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने जीआरपी उत्तराखंड पुलिस का आभार जताया। कार्यप्रणाली की जमकर सराहना की।
पुलिस के अनुसार गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। मोबाइल गुम होने की शिकायतें मिलने के बाद जीआरपी की टीमों ने तकनीकी माध्यमों और सर्विलांस की मदद से मोबाइल फोन की गतिविधियों पर नजर रखी। विभिन्न स्थानों पर मोबाइल फोन के इस्तेमाल और उपलब्ध तकनीकी जानकारी का विश्लेषण करते हुए पुलिस टीमों ने एक-एक कर गुम हुए मोबाइलों को ट्रेस किया। मोबाइल फोन अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों में सक्रिय पाए जाने के बाद जीआरपी टीमों ने संबंधित स्थानों पर कार्रवाई कर उन्हें बरामद किया। इस पूरी कार्रवाई में पुलिस की तकनीकी दक्षता और लगातार की गई निगरानी ने अहम भूमिका निभाई। 22 राज्यों तक फैली तलाश के बाद 152 मोबाइल फोन बरामद करना जीआरपी के अभियान की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। मोबाइल फोन आज के समय में लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। मोबाइल गुम होने से लोगों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ जरूरी संपर्क, दस्तावेज और अन्य डिजिटल जानकारी खोने की चिंता भी रहती है। ऐसे में लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस मिलने पर स्वामियों के लिए यह किसी बड़ी राहत से कम नहीं था।
रक्षाबंधन से पहले जीआरपी ने मोबाइल फोन लौटाए जाने से कई परिवारों की खुशियां दोगुनी हो गईं। मोबाइल प्राप्त करने वाले लोगों ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका खोया हुआ मोबाइल इतनी दूर से वापस मिल पायेगा।
पुलिस अधीक्षक अरुणा भारती ने कहा कि गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए जीआरपी उत्तराखंड लगातार आधुनिक तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग कर रही है। आमजन की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए गुम हुए मोबाइल फोन की तलाश और बरामदगी का अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जीआरपी उत्तराखंड यात्रियों और आमजन की सुरक्षा के साथ-साथ उनकी संपत्ति की सुरक्षा के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गुम मोबाइलों की बरामदगी के लिए तकनीकी माध्यमों से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि लोगों को उनका सामान वापस मिल सके। गुम हुए 152 मोबाइल फोन बरामद कर उन्हें वास्तविक स्वामियों तक पहुंचाने की कार्रवाई ने जीआरपी पुलिस की सक्रियता और तकनीकी क्षमता को भी सामने रखा है। खासकर 22 राज्यों से मोबाइल फोन बरामद करना इस अभियान की व्यापकता को दर्शाता है। पुलिस की इस कार्रवाई से उन लोगों को बड़ी राहत मिली है, जिन्होंने मोबाइल गुम होने के बाद उसकी बरामदगी की उम्मीद लगभग छोड़ दी थी।
रक्षाबंधन से पहले जीआरपी ने लौटाए गए मोबाइल फोन कई लोगों के लिए महज एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नहीं, बल्कि उनकी जरूरी यादों, संपर्कों और डिजिटल जानकारी की वापसी भी साबित हुए। पुलिस की इस पहल से आमजन में सुरक्षा और भरोसे की भावना मजबूत हुई है।

