उत्तराखण्ड

जिला जज की फोटो लगाकर फर्जी व्हाट्सऐप अकाउंट, मांगे पैसे

न्यायालय प्रशासन की तहरीर पर सिडकुल थाने में मुकदमा दर्ज
हरिद्वार (चंद्रशेखर जोशी)। साइबर ठगों ने अब न्यायिक अधिकारियों की पहचान का सहारा लेकर लोगों को झांसा देने का प्रयास शुरू कर दिया है। हरिद्वार में जिला जज की फोटो लगाकर फर्जी व्हाट्सऐप अकाउंट बनाए जाने और उसके माध्यम से लोगों से पैसों की मांग किए जाने का मामला सामने आया है। मामला संज्ञान में आने के बाद न्यायालय प्रशासन ने गंभीरता दिखाते हुए पुलिस से शिकायत की। मुख्य प्रशासनिक अधिकारी मनोज कुमार चौहान की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर सिडकुल थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जिला जज नरेन्द्र दत्त की फोटो का इस्तेमाल कर व्हाट्सऐप पर फर्जी अकाउंट तैयार किया। अपर जिला जज लक्सर की ओर से स्क्रीनशॉट भेज कर जानकारी दी गई थी । इस अकाउंट से लोगों को संदेश भेजे गए और उनसे रुपये की मांग की गई। जिला जज की फोटो लगी होने के कारण सामने वाले व्यक्ति को अकाउंट वास्तविक होने का भ्रम पैदा करने की कोशिश की गई। हालांकि, मामला सामने आते ही इसकी सूचना न्यायालय प्रशासन को दी गई, जिसके बाद पुलिस से संपर्क किया गया। फर्जी व्हाट्सऐप अकाउंट के जरिए रुपये मांगने की घटना ने एक बार फिर साइबर अपराधियों के बदलते तौर-तरीकों को उजागर किया है। साइबर ठग अक्सर किसी अधिकारी, परिचित अथवा प्रतिष्ठित व्यक्ति की फोटो लगाकर नया अकाउंट बनाते हैं। इसके बाद अर्जेंट जरूरत बताकर या किसी अन्य बहाने से संपर्क कर रकम ट्रांसफर करने के लिए दबाव बनाया जाता है।
न्यायालय के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी की ओर से दी गई तहरीर पर मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने मामले की तकनीकी जांच शुरू कर दी है। पुलिस फर्जी व्हाट्सऐप अकाउंट से जुड़े मोबाइल नंबर, संदेशों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। इसके साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फर्जी अकाउंट किसने बनाया और इसके पीछे किसी एक व्यक्ति का हाथ है या कोई साइबर गिरोह सक्रिय है।
पुलिस की जांच में यह भी सामने आ सकता है कि फर्जी अकाउंट के जरिए कितने लोगों से संपर्क किया गया और कितने लोगों से धनराशि की मांग की गई। मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपित तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। न्यायालय प्रशासन की शिकायत पर कार्रवाई
जिला जज के नाम और फोटो का इस्तेमाल किए जाने के कारण मामले को गंभीरता से लिया गया है। न्यायालय के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी की ओर से सिडकुल थाने में दी गई तहरीर के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद लोगों से अपील की गई है कि व्हाट्सऐप पर किसी अधिकारी या परिचित की फोटो देखकर तुरंत भरोसा न करें। यदि किसी अनजान नंबर से अचानक रुपये भेजने का संदेश आता है तो संबंधित व्यक्ति से किसी दूसरे माध्यम से संपर्क कर पहले सत्यापन करें। बिना पुष्टि किए किसी भी खाते में रकम ट्रांसफर न करें और संदिग्ध संदेश या नंबर की सूचना तत्काल पुलिस को दें।

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