उत्तराखण्डधर्म-संस्कृति

भद्रकाली में चारधाम यात्रा रजिस्ट्रेशन सेंटर का डीजीपी ने किया औचक निरीक्षण

पार्किग स्थलों में यात्रियों के लिए सभी व्यवस्थाएं हों

– यात्रियों को कोई असुविधा न हो: डीजीपी

ऋषिकेश। गढ़वाल भ्रमण के दौरान आज पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार ने भद्रकाली चेक पोस्ट का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने गंगोत्री, यमुनोत्री यात्री पंजीकरण जांच केंद्र एवं पर्यटक पुलिस सहायता केंद्र का निरीक्षण कर अधिकारियों से यात्रा व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया। .उन्होंने ट्रैफिक व्यवस्था बनाये रखने और यातायात प्लान के अनुसार वाहनों का आवागमन करने के निर्देश दिए। डीजीपी ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा का ध्यान रखा जाए और उन्हें परेशानी ना हो उसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाएं।

इस दौरान जोधराम जोशी, अपर पुलिस अधीक्षक, टिहरी गढ़वाल, लोकजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, देहरादून, पुलिस उपाधीक्षक, नरेन्द्रनगर सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

पुलिस महानिदेशक ने श्रीनगर पहुंचकर महिला थाना श्रीनगर में चारधाम यात्रा को सकुशल सम्पन्न कराने हेतु जनपद के पुलिस अधिकारियों की एक गोष्ठी में शिरकत की। गोष्ठी में तय किया गया कि चारधाम यात्रा के दृष्टिगत पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग व चमोली के जनपद प्रभारी आपस में समन्वय स्थापित करते हुए अपने-अपने जनपदों से धामों हेतु प्रस्थान/आगमन करने वाले श्रद्धालुओं/यात्रियों व वाहनों की संख्या के सम्बन्ध में सम्बन्धित वरिष्ठ/पुलिस अधीक्षक को दूरभाष/व्हाट्सएप आदि के माध्यम से समय से अवगत करायें व उसी के अनुरुप यातायात प्लान लागू करें।

डीजीपी ने कहा कि चारधाम यात्रा के लिहाज से कस्बा श्रीनगर चारधाम यात्रा का केन्द्र बिन्दु है। यहां श्री केदारनाथ एवं श्री बद्रीनाथ यातायात का दबाव अधिक होने के कारण वाहनों को श्रीनगर में रोका जा रहा। यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए सभी कार्मिकों को तत्परता व ईमानदारी से अपनी ड्यूटी करने व यात्रियों के साथ मधुर एवं विनम्र व्यवहार करें। अगर किसी कार्मिक द्वारा अभद्रता की जाती है तो उनके विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी।

उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा/पर्यटन सीजन के दृष्टिगत जनपद प्रभारी यात्रा रूटों पर आवश्यकतानुसार पुलिस एंव यातायात पुलिस के कार्मिकों को नियुक्त करते हुए यातायात व्यवस्था का सुचारू रूप से संचालन कराना सुनिश्चित करें । चारधाम यात्रा में आने वाले यात्रियों/श्रद्धालुओं के वाहनों को जहां पार्किंग में रोका जा रहा वहां पर पानी, शौचालय आदि मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराने हेतु सम्बन्धित विभाग के अधिकारियों के साथ भी समन्वय स्थापित कर कार्यवाही करना सुनिश्चित करें।

किसी भी प्रकार की आपदा की स्थिति तथा श्रद्धालुओं की अत्याधिक संख्या में वृद्धि होने की सम्भावनाओं के दृष्टिगत अपने-अपने जिला मजिस्ट्रेटों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए श्रद्धालुओं के ठहरने आदि के सम्बन्ध में स्थानों को चिन्हित कराते हुए वैकल्पिक व्यवस्थायें समय से पूर्ण करा ली जाये। यात्रामार्ग में वाहनों को रोकने या डायवर्ट करने पर पी.ए सिस्टम, लाउड हेलरों एवं सोशल साइट्स जैसे माध्यमों का प्रयोग कर यात्रियों को अवगत कराते रहें।

स्थानीय नागरिकों व तीर्थयात्रियों को किसी भी प्रकार की परेशानियाँ ना हो इसका पूर्ण ध्यान रखा जाय। देवभूमि के बारे में सोशल मीडिया या अन्य प्लेटफार्म पर दुष्प्रचार करने वालों के विरुद्ध भी कार्यवाही करनी हेतु निर्देशित किया गया ।

उक्त गोष्ठी में अपर जिला मजिस्ट्रेट श्रीमती ईला गिरी, उप जिलाधिकारी नूपुर वर्मा, अपर पुलिस अधीक्षक संचार अनूप काला, पुलिस उपाधीक्षक सदर पौड़ी अनुज कुमार, पुलिस उपाधीक्षक श्रीनगर रविंद्र कुमार चमोली, मुख्य अग्नि समन अधिकारी राजेंद्र खाती, निरीक्षक अभिसूचना सूर्यप्रकाश शाह, प्रभारी निरीक्षक होशियार सिंह पंखोली आदि अधिकारी कर्मचारी गण मौजूद रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button