चतुर्थ श्रेणी स्वास्थ्य कर्मचारियों ने आंदोलन का बिगुल फूंका

9 अगस्त तक मांगें नहीं मानी गईं तो 10 अगस्त से होगा प्रदेशव्यापी आंदोलन
हरिद्वार (चंद्रशेखर जोशी)। चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ, चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएं उत्तराखंड ने कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा कर दी है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 9 अगस्त तक मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 10 अगस्त से चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा।
संगठन का आरोप है कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति पिछले करीब 10 वर्षों से लंबित है। इसके अलावा पौष्टिक आहार भत्ता, वर्दी भत्ता और धुलाई भत्ते जैसी मांगों पर वर्षों से पत्राचार के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेड़ा, महामंत्री सुनील अधिकारी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गिरीश पंत और उपाध्यक्ष नेल्सन अरोड़ा ने कहा कि कई दौर के समझौतों के बावजूद कर्मचारियों को कनिष्ठ सहायक, लैब सहायक, डार्क रूम सहायक और ओटी सहायक के पदों पर पदोन्नति नहीं दी गई। उनका कहना है कि इससे सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार भी नहीं पड़ेगा।
प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र तेश्वर सहित अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि वार्ड ब्वाय, वार्ड आया, सफाई कर्मचारी और चौकीदार भी मरीजों के सीधे संपर्क में रहते हैं, इसलिए उन्हें भी नर्सिंग कर्मचारियों की तरह पौष्टिक आहार भत्ता मिलना चाहिए। साथ ही धुलाई भत्ता बढ़ाने और लंबित वर्दी भत्ते का भुगतान करने की मांग भी उठाई गई। 10–14 अगस्त को काली पट्टी बांधकर कार्य करते हुए विरोध। 16–18 अगस्त को जनपद स्तर पर ज्ञापन। 19–20 अगस्त को विधायक व मंत्रियों के माध्यम से मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन। 21–22 अगस्त को महानिदेशक कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन। मांगें पूरी नहीं होने पर तालाबंदी और भूख हड़ताल सहित अगले चरण के आंदोलन की घोषणा की जाएगी। संगठन ने कहा कि मांगों की अनदेखी जारी रही तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।


