राजनाथ सिंह और एस. जयशंकर नौसेना कमांडर सम्मेलन को आज करेंगे संबोधित, कमांडरों से भी करेंगे बातचीत

भारतीय नौसेना के शीर्ष कमांडर सोमवार से शुरू हो रहे चार-दिवसीय एक सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस दौरान हिंद महासागर क्षेत्र की स्थिति और इस पर रूस-यूक्रेन संघर्ष के संभावित प्रभावों पर चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही देश की समुद्री सुरक्षा की व्यापक समीक्षा भी की जाएगी। नौसेना ने बताया कि सम्मेलन को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस जयशंकर संबोधित करेंगे। वे कमांडरों के साथ भी बातचीत करेंगे।

बीते कई साल की बात करें तो शायद यह पहली बार है जब विदेश मंत्री भी नौसेना कमांडरों के सम्मेलन को संबोधित करेंगे। यह सम्मेलन सैन्य-रणनीतिक स्तर पर महत्वपूर्ण समुद्री मामलों पर चर्चा करने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है। कमांडरों से उम्मीद की जाती है कि वे हिंद महासागर में चीनी नौसेना की बढ़ती गतिविधियों के साथ-साथ हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उसकी बढ़ती मुखरता पर विशेष विचार-विमर्श करेंगे।

नौसेना के प्रवक्ता कमांडर विवेक माधवाल ने कहा कि यह सम्मेलन पड़ोस में सुरक्षा परिदृश्यों की पृष्ठभूमि में भू-रणनीतिक स्थिति की गतिशीलता के साथ-साथ रूस-यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के कारण हो रहे परिवर्तनों पर भी केंद्रित होगा। उन्होंने कहा कि सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे और एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी भी तीनों सेनाओं के बीच तालमेल सुनिश्चित करने जैसे मुद्दों पर नौसेना कमांडरों से बातचीत करेंगे।कमांडर माधवाल ने कहा कि सम्मेलन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस जयशंकर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों पर नौसेना के कमांडरों को संबोधित करेंगे और उनसे बातचीत करेंगे। प्रवक्ता ने कहा कि नौसेना के प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार और अन्य नौसेना कमांडर पिछले छह महीनों में भारतीय नौसेना द्वारा किए गए प्रमुख परिचालन, सामग्री, रसद, मानव संसाधन विकास, प्रशिक्षण और प्रशासनिक गतिविधियों की समीक्षा करेंगे।

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