ज्वालापुर में उर्मिला सनावर ने फूंका चुनावी बिगुल, निर्दलीय मैदान में उतरने का ऐलान

बोलीं—किसी दल के टिकट पर नहीं लड़ूंगी चुनाव, महिलाओं और दलितों की आवाज बनकर करूंगी काम
बहादराबाद। ज्वालापुर विधानसभा क्षेत्र में चुनावी हलचल अभी से तेज होती नजर आ रही है। उर्मिला सनावर ने क्षेत्र में होल्डिंग लगाने के दौरान बड़ा सियासी ऐलान करते हुए आगामी विधानसभा चुनाव निर्दलीय लड़ने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी भी राजनीतिक दल के टिकट पर चुनाव नहीं लड़ेंगी और जनता के बीच रहकर अपनी राजनीतिक पारी आगे बढ़ाएंगी।
सनावर ने कहा कि उनका मकसद सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि महिलाओं और दलित समाज के मुद्दों को मजबूती से उठाना है। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से सामाजिक सरोकारों से जुड़े काम करती रही हैं और आगे भी महिलाओं तथा दलितों के हितों के लिए आवाज उठाती रहेंगी।
उन्होंने पूर्व विधायक सुरेश राठौर से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास और जनता से जुड़े मुद्दों पर सभी को मिलकर काम करना चाहिए। वहीं भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत गौतम को दलित समाज का बड़ा नेता बताते हुए सनावर ने कहा कि वह उनके आदरणीय हैं। उन्होंने दुष्यंत गौतम के प्रति सम्मान जताते हुए कहा कि दलित समाज के लिए उनके योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
उर्मिला सनावर ने यह भी साफ किया कि वह राजनीतिक विवादों में पड़ने के बजाय जनता की सेवा करना चाहती हैं। उनके निर्दलीय चुनाव लड़ने के ऐलान से ज्वालापुर की सियासत में नए समीकरणों की चर्चा शुरू हो गई है। अब आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि सनावर की यह सियासी पहल चुनावी मैदान में कितना असर छोड़ती है।



