उत्तराखंड को एक आदर्श हिमालयी राज्य के रूप में विकसित करने के लिए उत्तराखंड विजन 2047 के रोडमैप में छह प्रमुख सेक्टर निर्धारित किए गए। सरकार ने बेरोजगारी दर को 5.7 प्रतिशत घटा कर 3.5 प्रतिशत और बहुआयामी गरीबी को 0.61 प्रतिशत तक कम करने का लक्ष्य रखा है। कृषि, पर्यटन, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कौशल विकास, कनेक्टिविटी और पर्यावरण संरक्षण को विशेष महत्व दिया गया है।
वर्ष 2047 तक राज्य की स्थापित ऊर्जा क्षमता को लगभग 22 हजार मेगावाट तक बढ़ाने के साथ वन आच्छादन को 46.6 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। विजन में वर्ष 2030, 2035, 2040, 2047 और 2050 के लिए अलग-अलग लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं, जिनके आधार पर विभागीय कार्ययोजनाएं तैयार करने और प्रगति की नियमित समीक्षा करने की व्यवस्था पर जोर दिया गया है।
नियोजन सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि कृषि क्षेत्र में मोटे अनाजों की उत्पादकता को 25 क्विंटल प्रति हेक्टेयर करने, 80 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सगंध फसलों की खेती, पर्यटन क्षेत्र में विदेशी पर्यटकों की संख्या में दो गुना बढ़ोतरी, 12 लाख रोजगार का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा प्रदेश में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए रोड, रेल, टनल, हवाई संपर्क के विस्तार पर फोकस किया गया। 13 हेली एंबुलेंस व चार फ्लाइंग स्कूल स्थापित करना रोडमैप में शामिल है।