मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’ के द्वितीय चरण का किया शुभारंभ, 488 महिलाओं को 2.76 करोड़ की सहायता राशि डीबीटी से हस्तांतरित

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित ‘मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’ के द्वितीय चरण का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने 488 महिला लाभार्थियों को कुल 2 करोड़ 76 लाख 16 हजार 875 रुपये की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की।

द्वितीय चरण के तहत 212 नई लाभार्थियों को प्रथम किश्त के रूप में 1 करोड़ 55 लाख 40 हजार रुपये, जबकि प्रथम चरण की 276 लाभार्थियों को द्वितीय किश्त के रूप में 1 करोड़ 20 लाख 76 हजार 875 रुपये प्रदान किए गए। उल्लेखनीय है कि 10 फरवरी 2026 को योजना के प्रथम चरण में 484 महिलाओं को 3 करोड़ 45 लाख रुपये की सहायता राशि दी गई थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति उसकी मातृशक्ति होती है। महिलाओं के सशक्त होने से परिवार, समाज और राष्ट्र मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य एकल, निराश्रित, विधवा, परित्यक्ता, तलाकशुदा महिलाओं, एसिड अटैक पीड़िताओं, अन्य आपराधिक घटनाओं से प्रभावित महिलाओं तथा ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।

उन्होंने बताया कि योजना के तहत अधिकतम 2 लाख रुपये तक की परियोजना स्वीकृत की जाती है, जिसमें 75 प्रतिशत तक अनुदान राज्य सरकार देती है। सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि महिलाओं को सम्मानपूर्वक अपने पैरों पर खड़ा होने का अवसर उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है। महिला आरक्षण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला योजना, लखपति दीदी अभियान और तीन तलाक की समाप्ति जैसे कदमों ने महिलाओं की भागीदारी को मजबूत किया है।
उन्होंने बताया कि राज्य में लगभग 5 लाख महिलाएं 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं, जबकि 2.65 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। राज्य सरकार महिलाओं को स्वरोजगार, उद्यमिता, प्रशिक्षण, ब्रांडिंग और विपणन की सुविधाएं भी उपलब्ध करा रही है। साथ ही, सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण और समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के माध्यम से उनके अधिकारों को और मजबूत किया गया है।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि यह योजना एकल महिलाओं के जीवन में आत्मनिर्भरता, सम्मान और आत्मविश्वास का नया अध्याय लिख रही है। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को सहायता की पात्र नहीं, बल्कि विकास की साझेदार मानते हुए उन्हें स्वरोजगार से जोड़ रही है।
कार्यक्रम में योजना की लाभार्थी महिलाओं ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना से उन्हें आत्मनिर्भर बनने का नया अवसर मिला है।




