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पहाड़ों पर हिमपात और बारिश, मैदानी इलाकों में ठंडी हवाओं से बढ़ी कंपकंपी, दिल्ली-एनसीआर में सर्द-गर्म

नई दिल्ली । देश के मौसम पर एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ और मजबूत उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम का संयुक्त प्रभाव साफ दिखाई देने लगा है। मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक 5 और 6 फरवरी को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई हिस्सों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है। वहीं दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में घना कोहरा और तेज ठंडी हवाएं लोगों को सामान्य तापमान के बावजूद ज्यादा ठंड का अहसास करा रही हैं। दक्षिण भारत के कुछ तटीय क्षेत्रों में भी हल्की से मध्यम बारिश के संकेत मिल रहे हैं।

मौसम विभाग के अनुसार इस समय उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे पंजाब क्षेत्र के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ ऊंचाई पर चक्रवाती प्रसार के रूप में सक्रिय है, जिसके साथ ऊपरी वायुमंडल में एक ट्रफ भी बनी हुई है। इसके अलावा उत्तर-पूर्वी पंजाब और आसपास के इलाकों में भी चक्रवाती परिसंचरण दर्ज किया गया है। इन सभी प्रणालियों का संयुक्त असर पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में मौसम को लगातार अस्थिर बनाए हुए है। ऊपरी वायुमंडल में उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम भी असाधारण रूप से मजबूत बनी हुई है। पूर्वोत्तर भारत के ऊपर लगभग 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर इसकी गति करीब 130 नॉट्स मापी गई है। यही तेज जेट स्ट्रीम पश्चिमी विक्षोभों को और ऊर्जा दे रही है, जिससे पहाड़ी इलाकों में बारिश और हिमपात की गतिविधियां तेज हो रही हैं।

इन राज्यों में घने कोहरे की चेतावनी
मौसम विभाग ने बिहार, हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में घने कोहरे की आशंका जताई है। इससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है।

आज और कल पहाड़ी राज्यों में फिर बदलेगा मौसम
मौसम विभाग का कहना है कि पांच फरवरी की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में प्रवेश कर सकता है, जबकि 8 फरवरी की रात से एक और नया सिस्टम सक्रिय होने की संभावना है। इसके चलते जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में रुक-रुक कर बारिश और बर्फबारी का सिलसिला बना रह सकता है। विशेष रूप से 5 और 6 फरवरी, को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।हिमाचल में सड़कें बंद, अटल टनल के पास हिमस्खलन
हाल के दिनों में हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में भारी बर्फबारी दर्ज की गई है। मनाली, लाहौल-स्पीति और किन्नौर में ताजा हिमपात के कारण कई सड़कें बंद हो गईं। रोहतांग के पास अटल टनल क्षेत्र में हिमस्खलन की घटना सामने आने से यातायात भी प्रभावित हुआ। मौसम विभाग के मुताबिक हिमाचल प्रदेश में 5 और 7 फरवरी को मौसम शुष्क रह सकता है, जबकि 6, 8 और 9 फरवरी को फिर हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है, जिससे तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।

तापमान में फिलहाल बड़ी गिरावट नहीं
आने वाले सात दिनों में उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। महाराष्ट्र में अगले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है, इसके बाद अगले तीन दिनों में इतनी ही गिरावट आने की संभावना है और फिर तापमान स्थिर रह सकता है।

दक्षिण भारत में ट्रफ का असर, तमिलनाडु में बारिश के आसार
दक्षिण भारत में केरल के दक्षिणी हिस्सों से कर्नाटक तट तक पूर्वी हवाओं में एक ट्रफ बनी हुई है, जो लक्षद्वीप और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी अरब सागर के ऊपर चक्रवाती प्रसार के रूप में दिखाई दे रही है। इसके प्रभाव से तमिलनाडु समेत दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है।

अभी उलटफेर जारी रहेगा
कुल मिलाकर पश्चिमी विक्षोभों और तेज जेट स्ट्रीम के चलते पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी का दौर जारी रहने की संभावना है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में घना कोहरा और ठंडी हवाएं लोगों को परेशान करती रहेंगी, जबकि दक्षिण भारत के कुछ तटीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

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