मानव सेवा ही होती है सबसे बड़ी सेवा : चंद्रा
इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी ने स्वयंसेवियों के लिए किया गोष्ठी का आयोजन

टिहरी | राजकीय महाविद्यालय नैनबाग टिहरी गढ़वाल की इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के द्वारा स्वयंसेवियों के लिए एक गोष्ठी का आयोजन किया गया| इसमें यूथ रेड क्रॉस के नोडल अधिकारी डॉक्टर दिनेश चंद्र ने स्वयंसेवियों को यूथ रेड क्रॉस के बारे में विस्तृत जानकारी दी की कैसे यूथ रेड क्रॉस के संस्थापक जीन जैक्स ड्यूनेट के द्वारा इस संगठन की स्थापना की गई | इसके पश्चात मानव के मस्तिष्क में ऐसी भावना जागृत हुई जो आज कई लोगों की जिंदगियां बचा चुकी हैं | उन्होंने यूथ रेड क्रॉस के आदर्श शब्दों पर पर मनन करने की बात कही और कहा कि यदि आप इन शब्दों के अनुसार अपना जीवन को समझते हैं तो निश्चित रूप से आप सही में मानव कहलाने योग्य बन सकते हैं| डॉक्टर चंद्रा ने यूथ रेड क्रॉस के आदर्श शब्द मानवता, निष्पक्षता तटस्थता , स्वतंत्रता, स्वैच्छिक सेवा, एकता और सार्वभौमिकता की विस्तृत व्याख्या की| साथ ही स्वयं सेवाओं को यह जानकारी दी कि यदि किसी के साथ कभी कोई घटना घटित होती है तो उसका प्राथमिक उपचार किस प्रकार से करना चाहिए और उसकी जान बचा सकते हैं |
डॉक्टर चंद्रा ने कहा कि मानव सेवा ही सबसे बड़ी सेवा होती है| इसी लक्ष्य को आपको भी अपनाना चाहिए| इस अवसर पर अर्थशास्त्र विभाग के विभाग अध्यक्ष डॉक्टर परमानंद चौहान ने भी स्वयंसेवियों को यूथ रेट क्रॉस का महत्व समझाया उन्होंने कहा कि हम सभी भारतीय हैं सभी को आपस में मिलजुल कर रहना चाहिए तभी हमारा देश प्रगति कर सकता है | इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉक्टर संदीप कुमार , प्राध्यापक डॉ ब्रीश कुमार , अनु सेवक अनिल नेगी रोशन रावत, और मोहनलाल उपस्थित रहे|




