उत्तरप्रदेश

अमेठी में बारिश से सड़कों व खेतों में पानी-पानी, किसान धान की रोपाई में जुटे

अमेठी। झमाझम बारिश से सोमवार को शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक दो तस्वीरें सामने आईं। एक ओर शहर के सरकारी दफ्तरों, कॉलोनियों और बाजारों में पानी भर गया, वहीं दूसरी ओर गांवों के खेतों में पानी पहुंचते ही किसान धान की रोपाई में जुट गए।
झमाझम  बारिश के बाद अमेठी तहसील परिसर, अमेठी थाना, एसडीएम आवास कॉलोनी, गौरीगंज थाना, एसपी कार्यालय और सीएमओ परिसर पानी में डूब गए। कई जगह सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया। पैदल चलना तो दूर, दुपहिया वाहनों को निकालना भी मुश्किल हो गया। गौरीगंज कस्बे के कई मोहल्लों में दुकानों के सामने पानी भर गया। व्यापारियों को सामान हटाना पड़ा और राहगीरों को लंबे रास्तों से निकलना पड़ा। जलभराव ने यह भी साफ कर दिया कि बारिश की तैयारी पर्याप्त नहीं रही। हालांकि इस बारिश ने किसानों के लिए राहत जरूर दी। लंबे इंतजार के बाद खेतों में पानी आया तो रोपाई का कार्य तेज हो गया।कई गांवों में सुबह से ही ट्रैक्टर और रोपाई करने वाले खेतों में उतर चुके हैं।
महिलाएं धान की पौध लेकर खेतों में काम करती दिखीं। किसानों ने बताया कि लगातार गर्मी और सूखे से बोआई रुक गई थी। अब पानी मिलते ही काम दोबारा शुरू हुआ है। यदि अगले कुछ दिन और अच्छी बारिश हुई तो खेती की रफ्तार तेज हो जाएगी। बारिश ने एक तरफ शहर की जमीनी हकीकत उजागर कर दी, तो दूसरी तरफ गांवों में नई उम्मीद जगा दी। देवीपाटन मंदिर में जलभराव से श्रद्धालु परेशान रायपुर फुलवारी स्थित सिद्धपीठ देवीपाटन मंदिर परिसर सोमवार की बारिश में तालाब बन गया। मंदिर के गर्भगृह में एक फीट से ज्यादा पानी भर गया। मां की प्रतिमा पर चढ़ी फूल-मालाएं पानी में तैरती नजर आईं। प्रदेश सरकार की वंदन योजना के तहत करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से इस मंदिर का कायाकल्प किया जा रहा है। श्रद्धालुओं ने आरोप लगाया कि निर्माण में लापरवाही हुई है। जलनिकासी की व्यवस्था न होने से भक्तों को दर्शन में भारी दिक्कत हुई।
धान की रोपाई को मिली रफ्तार बारिश के साथ ही जिले के खेतों में हरियाली लौट आई है। अमेठी, संग्रामपुर, जामो, भादर, मुसाफिरखाना और शाहगढ़ क्षेत्र में किसान धान की रोपाई में जुट गए हैं। खेतों में ट्रैक्टर, हल और रोपाई करने वालों की हलचल बढ़ गई है। किसानों ने बताया कि कई हफ्तों से रोपाई रुकी थी। अब पानी मिलने से काम तेज हो गया है। महिला किसान भी सुबह से ही पौध लेकर खेतों में पहुंच गई हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button