उत्तराखण्ड

स्काउट-गाइड प्रशिक्षण के पंचम दिवस भोजन-पाक व्यवस्था एवं कैम्प फायर ने बिखेरे अनुशासन, आत्मनिर्भरता और उल्लास के रंग

बहादराबाद । उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय, हरिद्वार के शिक्षाशास्त्र विभाग द्वारा संचालित साप्ताहिक स्काउट-गाइड प्रशिक्षण के पंचम दिवस का आयोजन अत्यंत उत्साह, अनुशासन, रचनात्मकता एवं व्यावहारिक शिक्षण की भावना के साथ संपन्न हुआ। पंचम दिवस की प्रमुख गतिविधियों में भोजन-पाक व्यवस्था एवं कैम्प फायर का आयोजन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इन गतिविधियों के माध्यम से प्रशिक्षार्थियों ने न केवल अपनी कार्यकुशलता और सामूहिकता का परिचय दिया, बल्कि स्काउट-गाइड की मूल भावना सेवा, सहयोग और स्वावलंबन को भी सार्थक रूप से अभिव्यक्त किया ।प्रशिक्षण के अंतर्गत छात्राध्यापकों एवं छात्राध्यापिकाओं को विभिन्न दलों में विभाजित कर भोजन-पाक व्यवस्था का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। इस दौरान प्रतिभागियों ने सीमित संसाधनों में स्वच्छता, संतुलन, समयबद्धता और समन्वय का ध्यान रखते हुए भोजन तैयार किया।

प्रशिक्षणार्थियों ने भोजन निर्माण की संपूर्ण प्रक्रिया—ईंधन व्यवस्था, सामग्री चयन, पाक-प्रक्रिया, स्वचत और परोसने तक—को अत्यंत अनुशासित ढंग से संपन्न किया। इस गतिविधि ने विद्यार्थियों में आत्मनिर्भरता, श्रमशीलता, समूह-कार्य, उत्तरदायित्व बोध और जीवन-कौशल के विकास को सशक्त किया।प्रशिक्षक एवं शिविर संचालक पुरवेन्द्र कुमार ने कहा कि स्काउट-गाइड प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल नियमों और गतिविधियों का अभ्यास कराना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन की वास्तविक परिस्थितियों के लिए तैयार करना भी है। भोजन-पाक जैसी गतिविधियाँ आत्मनिर्भरता, अनुशासन और सामूहिक उत्तरदायित्व की उत्कृष्ट शिक्षा देती हैं।प्रशिक्षक महिपाल शर्मा न**स्काउट-गाइड प्रशिक्षण के पंचम दिवस भोजन-पाक व्यवस्था एवं कैम्प फायर ने बिखेरे अनुशासन, आत्मनिर्भरता और उल्लास के रंग l
बहादराबाद 3 अप्रैल ( मह
उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय, हरिद्वार के शिक्षाशास्त्र विभाग द्वारा संचालित साप्ताहिक स्काउट-गाइड प्रशिक्षण के पंचम दिवस का आयोजन अत्यंत उत्साह, अनुशासन, रचनात्मकता एवं व्यावहारिक शिक्षण की भावना के साथ संपन्न हुआ। पंचम दिवस की प्रमुख गतिविधियों में भोजन-पाक व्यवस्था एवं कैम्प फायर का आयोजन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इन गतिविधियों के माध्यम से प्रशिक्षार्थियों ने न केवल अपनी कार्यकुशलता और सामूहिकता का परिचय दिया, बल्कि स्काउट-गाइड की मूल भावना सेवा, सहयोग और स्वावलंबन को भी सार्थक रूप से अभिव्यक्त किया ।प्रशिक्षण के अंतर्गत छात्राध्यापकों एवं छात्राध्यापिकाओं को विभिन्न दलों में विभाजित कर भोजन-पाक व्यवस्था का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया।

इस दौरान प्रतिभागियों ने सीमित संसाधनों में स्वच्छता, संतुलन, समयबद्धता और समन्वय का ध्यान रखते हुए भोजन तैयार किया। प्रशिक्षणार्थियों ने भोजन निर्माण की संपूर्ण प्रक्रिया—ईंधन व्यवस्था, सामग्री चयन, पाक-प्रक्रिया, स्वचत और परोसने तक—को अत्यंत अनुशासित ढंग से संपन्न किया।

इस गतिविधि ने विद्यार्थियों में आत्मनिर्भरता, श्रमशीलता, समूह-कार्य, उत्तरदायित्व बोध और जीवन-कौशल के विकास को सशक्त किया।प्रशिक्षक एवं शिविर संचालक पुरवेन्द्र कुमार ने कहा कि स्काउट-गाइड प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल नियमों और गतिविधियों का अभ्यास कराना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन की वास्तविक परिस्थितियों के लिए तैयार करना भी है। भोजन-पाक जैसी गतिविधियाँ आत्मनिर्भरता, अनुशासन और सामूहिक उत्तरदायित्व की उत्कृष्ट शिक्षा देती हैं।

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