काठमांडू । नेपाल में बीते दो दिनों में बहुत कुछ बदल गया है। शोसल मीडिया बैन को लेकर शुरू हुए आंदोलन में अब तक 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है वही, करीब 300 लोगों के घायल होने की खबर है। इस बीच, भारी दबाव के बाद पीएम केपी शर्मा ओली ने पद से इस्तीफा दे दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि ओली देश से बाहर निकलने की फिराक में हैं और दुबई जा सकते हैं। कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि युवाओं के प्रदर्शन के दौरान हालात बिगड़ने पर उन्होंने अपने आधिकारिक आवास से सुरक्षित निकलने और देश छोड़ने के लिए सेना की मदद मांगी थी।
कहा जा रहा है कि ओली इलाज के बहाने दुबई जाने की योजना बना रहे हैं , जिसके लिए निजी एयरलाइन हिमालय एयरलाइंस को तैयार रखा गया है। वहीं, कहा यह भी जा रहा है कि ओली के पद छोड़ने के बाद सेना आगे आ सकती है।
प्रधानमंत्री ओली ने दिया इस्तीफा
लगातार बढ़ते दबाव और प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने मंगलवार को इस्तीफा दे दिया। इससे कुछ घंटे पहले ही प्रदर्शनकारियों ने उनके निजी आवास और कार्यालय पर हमला किया था। विरोध की आग इतनी बढ़ गई कि ओली अपनी चौथी पारी भी पूरी नहीं कर सके।
पूर्व पीएम की पत्नी की आगजनी में मौत
नेपाल में जारी प्रदर्शनों के बीच पूर्व प्रधानमंत्री झलनाथ खनाल की पत्नी, राजलक्ष्मी चित्रकार की मौत हो गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, काठमांडू के डालू स्थित उनके घर में प्रदर्शनकारियों ने घेराबंदी कर आग लगा दी, जिसमें वे फंस गईं। गंभीर हालत में उन्हें कीर्तिपुर बर्न अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी जान नहीं बच सकी। इस घटना ने नेपाल में जारी हिंसक प्रदर्शनों को और भयावह बना दिया है।
कई मंत्रियों ने दिया इस्तीफा
नेपाल के ताजा हालातों में यह अपडेट तब सामने आया है जबकि काठमांडू समेत कई जिलों में युवाओं का प्रदर्शन हिंसक हो चुके हैं। ओली से पहले कई मंत्री और सांसद इस्तीफा दे चुके हैं। इस्तीफा देने वाले मंत्रियों में गृहमंत्री रमेश लेखक, स्वास्थ्य मंत्री प्रदीप पौडेल, कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री रामनाथ अधिकारी का नाम शामिल है। वहीं, प्रदर्शनकारियों ने कई मंत्रियों के आवासों और सरकारी इमारतों को आग के हवाले कर दिया है। नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल, सूचना एवं संचार मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरुंग, पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड के आवास में आग लगा दी।
बालेंद्र शाह को पीएम बनाने की चर्चा
केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के बाद एक नाम की चर्चा खूब हो रही है और वो नाम है बालेंद्र शाह का, जो बालेन शाह के नाम से चर्चित हैं। ओली सरकार के सत्ता से बाहर होने के बाद नेपाल की युवा पीढ़ी बालेंद्र शाह को नेता बनाने की मांग कर रही है। बालेंद्र शाह काठमांडू के 15वें मेयर हैं। बालेंद्र पेशे से सिविल इंजीनियर और रैपर भी रहे हैं। बालेंद्र शाह ने साल 2022 में स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में मेयर चुनाव जीतकर इतिहास रच दिया था।
सड़क पर पिटे वित्त मंत्री, विदेश मंत्री और पूर्व पीएम को भी दौड़ाकर पीटा
नेपाल में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में वित्त मंत्री और उपप्रधानमंत्री बिष्णु प्रसाद पौडेल को भीड़ द्वारा पीटते हुए देखा गया। काठमांडू की सड़कों पर प्रदर्शनकारी उनका पीछा कर रहे थे और लात-घूंसों से हमला किया। यह घटना तब हुई जब देशभर में हिंसक प्रदर्शन तेज हो गए।
प्रदर्शनकारी गुस्से में केवल नेताओं तक ही सीमित नहीं रहे। उन्होंने सिंह दरबार कॉम्प्लेक्स, संसद भवन और सुप्रीम कोर्ट में आगजनी की। साथ ही कई राजनीतिक दलों के दफ्तर, पुलिस थाने और नेताओं के निजी घरों को भी निशाना बनाया गया। राजधानी काठमांडू में हालात बेकाबू होते जा रहे हैं।मौतों और घायलों का आंकड़ा बढ़ा
सोमवार को हुए प्रदर्शनों में कम से कम 19 लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों लोग घायल हैं। यह प्रदर्शन सरकार द्वारा सोशल मीडिया साइट पर लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ शुरू हुआ था। हालात बेकाबू होते देख सरकार ने देर रात यह प्रतिबंध हटा लिया, लेकिन तब तक गुस्सा भड़क चुका था।




