
कोटद्वार की नैक्टर हर्ब्स एंड ड्रग्स कंपनी भी जांच के घेरे में
देहरादून (चंद्रशेखर जोशी)। प्रतिष्ठित फार्मा कंपनियों के नाम पर नकली दवाओं का निर्माण कर सोशल मीडिया और ऑनलाइन माध्यम से बिक्री करने वाले संगठित गिरोह के खिलाफ एसटीएफ उत्तराखंड की कार्रवाई लगातार जारी है। पूर्व में गिरोह के दो सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए गिरोह के कथित मुख्य सरगना विशद कुमार निवासी चांदपुर, जनपद बिजनौर (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार किया है।
एसटीएफ के अनुसार मामले में सीसीपीएस देहरादून में मुकदमा दर्ज कर विवेचना की जा रही है। जांच के दौरान सामने आया कि गिरोह विभिन्न प्रतिष्ठित दवा कंपनियों की जीवनरक्षक दवाओं की हूबहू नकल तैयार कर उन्हें ऑनलाइन माध्यम से बाजार में बेच रहा था। इस मामले में एसटीएफ पूर्व में जतिन निवासी संभल और गौरव त्यागी निवासी देहरादून को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच के दौरान 23 मई 2026 को सिडकुल सिगड्डी कोटद्वार स्थित मैसर्स नैक्टर हर्ब्स एंड ड्रग्स में नकली दवाओं के निर्माण की सूचना पर संबंधित विभागों के साथ संयुक्त कार्रवाई की गई थी। मौके से करीब तीन किलोग्राम कम्प्रेस्ड टैबलेट तथा टैबलेट निर्माण में इस्तेमाल होने वाले 34 पंच उपकरण बरामद किए गए थे। इसके बाद फैक्ट्री को नियमानुसार सीज कर दिया गया।
एसटीएफ के मुताबिक गिरफ्तार विशद कुमार उक्त कंपनी का मालिक भी रह चुका है। कंपनी पर वर्ष 2021 में कोरोना काल के दौरान कथित तौर पर नकली रेमडेसिविर के निर्माण के आरोप लगे थे। वर्ष 2024 में तेलंगाना पुलिस द्वारा कंपनी के संबंध में कार्रवाई और सैंपलिंग किए जाने की जानकारी भी जांच में सामने आई है। कंपनी का औषधि निर्माण लाइसेंस भी पूर्व में निरस्त किया जा चुका है।
एसटीएफ अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, नकली दवाओं के निर्माण के नेटवर्क, आपूर्ति और ऑनलाइन बिक्री के संबंध में जानकारी जुटा रही है। कार्रवाई करने वाली टीम में निरीक्षक सुधीर कुमार, निरीक्षक यादविंदर सिंह बजवा, उपनिरीक्षक दीपक मेठाणी, उपनिरीक्षक कमाल हसन, अपर उपनिरीक्षक योगेन्द्र चौहान, कांस्टेबल रवि पंत, दीपक चन्दोला, प्रशान्त चौहान और दीपक नेगी शामिल रहे।



