उत्तराखण्डराजनीति

मैं राहुल गांधी के बयान से पूरी तरह सहमतः अमरजीत

यह लड़ाई राजनीति से नहीं, बल्कि धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ी है

देहरादून। उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेता और प्रदेश अध्यक्ष के मीडिया सलाहकार अमरजीत सिंह ने कहा है कि राहुल गांधी ने कहा था कि आज भारत में यह लड़ाई इस बात को लेकर है कि आने वाले समय में सिखों को एक सिख के तौर पर पगड़ी और कड़ा पहनने की इजाजत दी जाएगी या नहीं? क्या एक सिख गुरुद्वारे जा सकेगा? यह लड़ाई राजनीति से नहीं, बल्कि धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ी है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि यह लड़ाई केवल सिखों के लिए नहीं, बल्कि सभी धर्मों के लिए है। उन्होंने अन्य राज्यों का भी जिक्र किया और यह मंशा स्पष्ट की कि क्या भारत ऐसा देश नहीं बनना चाहिए जहां हर सिख और हर भारतीय बिना किसी डर के अपने धर्म का पालन कर सके?
एक सामाजिक और राजनीतिक सिख होने के नाते, मुझे राहुल गांधी की बात में कोई अपमानजनक शब्द या ऐसी टिप्पणी नहीं लगी जो हमारे सिख भाइयों और बहनों का अपमान करे। मैं उनके बयान से पूरी तरह सहमत हूं। पिछले 10 वर्षों में हमारे देश में सांप्रदायिक और धार्मिक आधार पर राजनीति की जा रही है। भाजपा द्वारा समाज को भाषा, धर्म, जाति और क्षेत्र के आधार पर बांटा जा रहा है। सत्ता में बने रहने के लिए संकीर्ण सोच को बढ़ावा दिया जा रहा है और निष्पक्ष आवाज उठाने वाले व्यक्तियों और समुदायों को निशाना बनाया जा रहा है। उन पर बेबुनियाद मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।
राहुल गांधी ने अमेरिकी दौरे के दौरान सिखों और अन्य राज्यों के लोगों के लिए जो कहा, वह आज हर राज्य में दिख रहा है। कई बार हमें शिकायत मिलती है कि सिखों को एयरपोर्ट, मेट्रो और थानों में उनकी पगड़ी, कड़ा और कृपाण के अपमान का सामना करना पड़ता है। स्कूलों, कॉलेजों और अन्य परीक्षाओं के दौरान उनसे उनके धार्मिक चिन्ह हटाने की मांग की जाती है, जबकि संविधान में सिखों को अपने धार्मिक चिन्ह पहनने और रखने का अधिकार दिया गया है, जो आज कहीं न कहीं खंडित होता दिख रहा है।
देश के विभिन्न सिख संगठनों, धार्मिक संस्थाओं और बुद्धिजीवी वर्गों ने राहुल गांधी की बात का समर्थन किया है। इससे भाजपा पूरी तरह से बौखलाई हुई है। सिख समाज, आजादी से लेकर अब तक, आरएसएस की ष्समाज बांटो और राज करोष् की नीति को पहचानता है। आरएसएस और जनसंघ कभी भी सिखों का हितैषी नहीं रहे हैं। यह सर्वविदित है कि पिछले 75 वर्षों में जनसंघ और भाजपा पंजाब की सत्ता पर कभी भी राज नहीं कर सके।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button