धारा144 व ऑफलाइन पंजीकरण शुरू न होने पर होटल एसोसिएशन ने किया प्रर्दशन

उत्तरकाशी। प्रशासन भले ही सुलभ यात्रा के लाख दावे कर रहा हो, मगर धाम में यात्रा व्यवस्थाओं के हो रहें विशाल धरना प्रदर्शन इस की कलह खोलने के काफी है। यमुनोत्री धाम में प्रशासन की और से धारा लगाई गई 144 व ऑफलाइन पंजीकरण शुरू न करने से नाराज़ होकर होटल एसोसिएशन ने सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। यमुनोत्री धाम के अंतिम पड़ाव जानकीचट्टी में लचर यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर कारोबारियों ने यमुनोत्री धाम से धारा 144 हटाने, ऑफलाइन पंजीकरण शुरू करने और गेट सिस्टम बंद करने सहित अन्य मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। साथ ही उप जिलाधिकारी बड़कोट के माध्यम से मुख्यमंत्री धामी को ज्ञापन सौंपा, जिसमें उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई। कारोबारियों ने आरोप लगाया कि श्रद्धालुओं को जगह-जगह रोककर अनावश्यक रुप से परेशान किया जा रहा है, जबकि जानकीचट्टी में बस पार्किंग में सन्नाटा पसरा हुआ है. यात्रा सीजन में ही होटल व्यापारियों से लेकर घोड़ा-खच्चर व डंडी-कंडी संचालकों को रोजगार मिलता है, लेकिन यहां शासन-प्रशासन के यात्रा व्यवस्थाओं पर ध्यान देने की बजाए तुगलकी फरमान सुनाए जाने से कारोबारियों का व्यापार चौपट हो गया है। प्रदर्शन करने वालों में यमुनाघाटी होटल एसोशिसन के अध्यक्ष सोबन सिंह राणा, महाबीर पंवार माही, नारायण पुरी ग्राम प्रधान नितिन रावत, भगवती प्रसाद बिजल्वाण, घनश्याम नौटियाल, रणबीर राणा, संदीप राणा, चौन सिंह रावत, शैलेंद्र राणा, पंकज रावत, पपीन तोमर व दीपक रावत आदि सैकड़ों लोग मौजूद रहे।



