हिन्दी पत्रकारिता दिवस आज, जाने इतिहास, CM धामी ने दी शुभकामनाएं

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर सभी मीडिया प्रतिनिधियों को शुभकामनाएं दी हैं। .हिन्दी पत्रकारिता दिवस की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ के रूप में पत्रकारिता कि देश के सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, एवं सांस्कृतिक पहलुओं के साथ आम जन की समस्याओं के समाधान में महत्पूर्ण भूमिका रही है।
उन्होने कहा कि हिन्दी पत्र-पत्रिकाओं का समाज में जन जागरूकता के साथ पत्रकारिता की समृद्ध परम्परा के माध्यम से देश व समाज को आगे बढाने में भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में भी हिन्दी पत्रकारिता का स्वर्णिम इतिहास रहा है।
सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने भी हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर सभी मीडिया प्रतिनिधियों को शुभकामनाएं दी हैं।
हिन्दी पत्रकारिता दिवस का इतिहास

30 मई भारत में हिन्दी पत्रकारिता के लिए खास तारीख है। दरअसल इसी दिन देश में हिन्दी भाषा में ‘उदन्त मार्तण्ड’ के नाम से पहला समाचार पत्र 30 मई वर्ष 1826 को छपा था। इसलिए इस तारीख को हिन्दी पत्रकारिता दिवस के रूप में मनाया जाता है। तब देश की राजधानी “कलकत्ता” में “कानपुर” के रहने वाले वकील पंडित जुगल किशोर शुक्ल ने इसे कलकत्ता (अब कोलकाता) से साप्ताहिक के तौर पर शुरू किया था। प्रत्येक मंगलवार को प्रकाशित होने वाले इस साप्ताहिक अखबार में “उदन्त मार्तण्ड” में हिन्दी भाषा के “बृज” और “अवधी” भाषा का मिश्रण होता था। पत्र वितरण में अंग्रेजों द्वारा लगातार डाक शुल्क में छूट न दिये जाने के कारण इसका 79वाँ और आखिरी अंक दिसम्बर 1827 में प्रकाशित हुआ। इस समाचार पत्र के पहले अंक की 500 प्रतियाँ प्रकाशित हुयी थी।




