उत्तराखण्ड

ग्राम पंचायत ओजली को पेयजल योजना से मिलने लगा पानी

ग्रामीण दो किलोमीटर दूर स्थित प्राकृतिक पेयजल स्रोत से लाते थे पानी

जल जीवन मिशन से घर-घर पानी पहुंचने का सपना हुआ साकार

एक करोड़ 85 लाख रुपये की लागत से हुआ है पंपिंग पेयजल योजना का निर्माण

पौड़ी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना जल जीवन मिशन ऐसे ग्रामीण इलाकों में पेयजल आपूर्ति कराने में सफल रही है, जहां आज तक कोई भी पेयजल योजना नहीं थी। इन क्षेत्रों में पेयजल लाइन से गांव तक पानी पहुंचा ही, साथ ही हर घर नल, हर घर जल का नारा भी बुलंद हो रहा है। जनपद के विकास खंड पौड़ी में ऐसी ही ग्राम पंचायत ओजली है, जहां के ग्रामीणों को अब पानी के लिए दो किलोमीटर दूर प्राकृतिक पेयजल स्रोत के चक्कर नहीं काटने पड़ते। ओजली में पहली बार पेयजल लाइन से घर-घर पानी मिलने लगा है।

ग्राम पंचायत में लगभग 120 परिवार निवास करते हैं। इस गांव में आज तक कोई पेयजल योजना नहीं थी। जिसके चलते ग्रामीण गांव से करीब दो किलोमीटर नीचे स्थित प्राकृतिक पेयजल स्रोत से पानी ढोते थे। जिससे उनकी दिनचर्या प्रभावित होती थी। जल संस्थान के सहायक अभियंता सोहन सिंह जेठूड़ी ने बताया कि ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए जल जीवन मिशन के अंतर्गत पंपिंग पेयजल योजना का आगंणन बनाया गया।

लगभग एक करोड़ 85 लाख रुपये की लागत से योजना का निर्माण किया गया। ग्रामीणों को मानक के अनुसार पर्याप्त पानी मिले, इसके लिए गांव के ऊपर 60 किलोलीटर क्षमता का टैंक बनाया गया। स्रोत से टैंक तक लगभग साढे़ सात किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाई गई है। इस योजना से ओजली के साथ-साथ खांड्यूसैंण बाजार में भी जलापूर्ति हो रही है। जलापूर्ति के लिए रोजाना पांच से छह घंटे पंप चलाया जाता है। ताकि उपभोक्ताओं को निर्धारित मानक 55 एलपीसीडी (लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन) पानी मिले। पानी को साफ करने के लिए फिल्टर टैंक बनाए गए हैं।

ग्राम प्रधान सीमा देवी बताती हैं कि अब उनके गांव की जनता को घर में शुद्ध पानी मिल रहा है। जल जीवन मिशन से ग्रामीणों की समस्या दूर हुई है। अब ग्रामीणों को सिर पानी के बर्तन रखकर नहीं ढोने पड़ते हैं। इससे ग्रामीणों का समय और मेहनत बच रही है।

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