उत्तराखण्ड

गोल्डन कार्ड: भुगतान में हो रहे विलंब से पंजीकृत अस्पताल नहीं कर रहे इलाज

देहरादून। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अरुण पांडे के नेतृत्व में परिषद पदाधिकारियों द्वारा स्वास्थ्य सचिव को एक पत्र प्रेषित किया गया। पत्र में गोल्डन कार्ड के तहत कैशलैश चिकित्सा सुविधा में आ रही गंभीर समस्याओं एवं भुगतान में हो रही देरी को प्रमुखता से उठाया गया।

परिषद के प्रदेश अध्यक्ष पांडे ने कहा कि वर्तमान में पंजीकृत चिकित्सालयों द्वारा कैशलैश उपचार से इंकार किया जा रहा है, जिससे कार्मिकों एवं पेंशनरों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। परिषद के अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि चिकित्सा प्रतिपूर्ति के मामलों में अत्यधिक विलंब हो रहा है, जो गंभीर चिंता का विषय है। परिषद के पदाधिकारियों ने मुख्य सचिव आनंद वर्धन एवं सचिव मुख्यमंत्री शैलेश बगोली से भेंट कर इस विषय पर विस्तार से चर्चा की।

परिषद का कहना है कि केवल कार्मिकों के अंशदान के आधार पर इस योजना का संचालन व्यवहारिक नहीं है। अतः राज्य सरकार को पूर्व की भांति बजट की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। साथ ही ओपीडी सुविधा, भुगतान में पारदर्शिता, आश्रितों की आयु सीमा सहित विभिन्न व्यावहारिक समस्याओं के समाधान की भी मांग की गई।

अंत में परिषद द्वारा अनुरोध किया गया कि की एक उच्च स्तरीय बैठक शीघ्र आयोजित की जाए, जिसमें प्रमुख सचिव वित्त, सचिव कार्मिक,सचिव स्वास्थ्य, स्वास्थ्य निदेशालय एवं राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अधिकारी उपस्थित रहकर समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित करें।

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