किसान भारतीय संस्कृति, परंपराओं और ग्रामीण जीवन मूल्यों के सच्चे संवाहक हैं : मुख्यमंत्री

खटीमा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को खटीमा के नगला तराई क्षेत्र में अपनी माता के साथ खेत में पहुंचकर कृषि कार्यों में सहभागिता की। इस दौरान उन्होंने खेत की जुताई और खाद डालने जैसे कार्यों में हाथ बंटाया तथा किसानों के श्रम और समर्पण को करीब से महसूस किया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि खेतों में काम करते हुए उन्हें अपने जीवन के संघर्षपूर्ण और प्रेरणादायक दिनों की याद ताजा हो गई। उन्होंने कहा कि कृषि कार्य केवल जीविकोपार्जन का माध्यम नहीं, बल्कि मेहनत, धैर्य और समर्पण का प्रतीक भी है।

मुख्यमंत्री ने किसानों को देश की खाद्य सुरक्षा की रीढ़ बताते हुए कहा कि अन्नदाता किसान भारतीय संस्कृति, परंपराओं और ग्रामीण जीवन मूल्यों के सच्चे संवाहक हैं। उनके अथक परिश्रम और त्याग की बदौलत ही देश की खाद्य व्यवस्था मजबूत बनी हुई है।
उन्होंने किसानों के राष्ट्र निर्माण में योगदान को अतुलनीय बताते हुए कहा कि किसानों की मेहनत और तपस्या को सदैव सम्मान मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री ने सभी किसानों के समर्पण और सेवा भाव को किया नमन।




