उत्तराखण्ड

मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सौंपा आठ सूत्रीय मांग पत्र

हरिद्वार  (चंद्रशेखर जोशी)। मुख्य चिकित्सा अधिकारी हरिद्वार कार्यालय में कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर मांग पत्र दिया। 8 जून 2026 को मुख्य चिकित्सा अधिकारी हरिद्वार से इस संबंध में वार्ता करने का अनुरोध करने का निर्णय लिया है।
प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेड़ा प्रदेश महामंत्री सुनील अधिकारी, प्रवक्ता राजेंद्र तेश्वर ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से कर्मचारियों की लंबित मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है जिसके लिए 08 सूत्रीय मांग पत्र जिसमें कर्मचारियों का वर्दी भत्ता, कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति होने से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों पर कार्य का अत्यधिक भार आ गया है जिसके लिए सफाई कर्मचारी, वार्ड ब्वाय, वार्ड आया, चौकीदार के पदों पर नियुक्ति की जाए , चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का जनपद स्तर पर ए, सी, पी, लगाया जाना, सेवा पुस्तिका पूर्ण किया जाना , चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों का भुगतान किया जाना, वार्ड ब्वाय, वार्ड आया, सफाई कर्मचारी, चौकीदार से पद के विपरीत कार्य लिया जा रहा है और फिर उनका उत्पीड़न भी किया जा रहा है, साथ ही चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के आवास चतुर्थ श्रेणी राजकीय कर्मचारियों को ही दिए जाएं या फिर चाहे वो पीआरडी, उपनल, एनएचएम के चतुर्थ श्रेणी हो उन्हें ही दिए जाएं किंतु आपके यहां ये अन्य संवर्गों को दिए जा रहे हैं जो कि न्यायोचित नहीं है।
प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेड़ा प्रदेश संगठन सचिव छत्रपाल सिंह जिला मंत्री राकेश भंवर ने ने अनुरोध किया है कि जिस तरह हरिद्वार में 12 महीनों मेला चलता रहता है उसके लिए पुलिस विभाग की तरह, हरकी पौड़ी, पंतद्वीप, रोड़ी बेलवाला, चंडी देवी, श्यामपुर में स्थाई सब सेंटर बनाए जाएं जिससे कि अधिकारी, कर्मचारी पूर्ण मनोयोग से रोगियों की सेवा कर सकें साथ ही कावड़ मेला भत्ता सभी कर्मचारियों को दिया जाए और संविदा, सफाई कर्मचारी को नियत मानदेय दिया जाए, आगामी कुंभ मेला 2027 इसके लिए पूर्व से कर्मचारियों को मेला भत्ता दिया जाता रहा है पूरे मेला क्षेत्र जनपद हरिद्वार और जितना भी मेला क्षेत्र है सभी अधिकारी, कर्मचारियों मेला भत्ता दिये जाने के लिए अपने स्तर से पत्राचार और प्रबल संस्तुति करने की कृपा करेंगे। सभी ने एक स्वर में कहा कि सोमवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी हरिद्वार से मिलकर अपना पक्ष रखा जाएगा । मांगो को शीघ्र से शीघ्र पूरा करने की कार्यवाही करने के लिए कहा जाएगा। मांगो को पूर्ण न होने की दशा में बैठक कर अग्रिम रणनीति तैयार की जाएगी जिसका उत्तरदायित्व सीएमओ कार्यालय प्रशासन का होगा।

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