उत्तराखण्ड

युवाओं की अगुवाई में बनेगा नशामुक्त उत्तराखंड : मुख्यमंत्री धामी

सीएम ने वॉकथॉन को दिखाई हरी झंड

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार और पुलिस की नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। युवाओं को नशामुक्ति अभियान में सहभागी बनने के साथ ही नेतृत्वकर्ता की भूमिका भी निभानी होगी। उन्होंने शुक्रवार को डॉ. बीआर आंबेडकर ग्राउंड, ओएनजीसी, देहरादून में ओएनजीसी ऑफिसर्स एसोसिएशन की ओर से आयोजित ‘ड्रग फ्री उत्तराखंड वॉकथॉन’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने प्रतिभागियों को नशामुक्त उत्तराखंड के निर्माण की शपथ भी दिलाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वॉकथॉन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ और सशक्त उत्तराखंड के निर्माण का संदेश देने वाला महत्वपूर्ण अभियान है। ऐसे आयोजनों से नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जनजागरूकता बढ़ती है और युवाओं को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने आयोजन के लिए ओएनजीसी ऑफिसर्स एसोसिएशन और आयोजकों की सराहना की।
धामी ने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य और भविष्य को नुकसान पहुंचाने के साथ उसके परिवार और समाज को भी प्रभावित करता है। युवाओं के हाथों में किताबें होनी चाहिए और उन्हें खेल के मैदान में अपनी प्रतिभा दिखाकर भविष्य संवारना चाहिए। नशे की गिरफ्त में आने से उनके सपनों के साथ परिवार की उम्मीदें भी प्रभावित होती हैं। इसलिए युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा को सही दिशा देना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं से खेल, योग और व्यायाम को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने तथा अच्छी संगति और सकारात्मक सोच अपनाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा स्वयं नशे से दूर रहें और अपने साथियों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें। विद्यालयों, महाविद्यालयों, कार्यस्थलों और खेल मैदानों से नशामुक्ति का संदेश हर घर और गांव तक पहुंचना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। नशे के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई के साथ जनजागरूकता, उपचार और पुनर्वास पर भी ध्यान दिया जा रहा है। नशे की लत से प्रभावित लोगों को परामर्श, उचित उपचार और परिवार का भावनात्मक सहयोग उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की युवा पीढ़ी को शिक्षा, कौशल विकास, खेल, स्टार्टअप, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करनी हैं। नशामुक्त उत्तराखंड का संकल्प केवल आयोजनों तक सीमित न रहकर आचार, विचार और व्यवहार का हिस्सा बनना चाहिए। उन्होंने ‘नशे को ना, जिंदगी को हां’ का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री खजान दास, विधायक सविता कपूर, उत्तराखंड राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष अशोक वर्मा, डॉ. विकास लोईवाल और ओएनजीसी ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह बिष्ट सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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