दून अस्पताल के डॉक्टरों ने बचाई तीन साल की बच्ची की जान
सांस की नली में फंसी थी नुकीली कील तीन घंटे तक चला जटिल ऑपरेशन

ईएनटी और एनेस्थीसिया विभाग की संयुक्त टीम ने निकाली कील
देहरादून। दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डॉक्टरों ने जटिल ऑपरेशन कर तीन साल की मासूम बच्ची की जान बचा ली। बच्ची ने खेलते समय लोहे की नुकीली कील निगल ली थी, जो सांस की नली में फेफड़ों के पास गहराई में जाकर फंस गई थी। करीब तीन घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक कील को बाहर निकाल लिया। अब बच्ची खतरे से बाहर है।
उत्तर प्रदेश के धामपुर की रहने वाली बच्ची दो दिन पहले घर में खेलते समय कील निगल गई थी। इसके बाद उसे लगातार खांसी आने लगी और सांस लेने में काफी परेशानी होने लगी। बच्ची की गंभीर स्थिति को देखते हुए परिजन उसे दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां ईएनटी और एनेस्थीसिया विभाग की संयुक्त टीम ने तत्काल उपचार शुरू किया और जटिल प्रक्रिया के माध्यम से कील को बाहर निकालने में सफलता हासिल की।
इस चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन में ईएनटी विभाग के डॉ. पीयूष त्रिपाठी, डॉ. प्रियंका चमोली, डॉ. उत्कर्ष जैन, डॉ. शैलेंद्र सिंह रावत, डॉ. सबा परवीन, डॉ. अंशुला उनियाल और डॉ. प्रियंका पांडेय शामिल रहे। वहीं, एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. इशिता बहुखंडी और डॉ. त्रिलोक ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नर्सिंग ऑफिसर श्रीमती आशा किरण ने भी उपचार में सहयोग किया।
बच्ची की जान बचाने में मिली सफलता के बाद अस्पताल की टीम ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को खेलते समय विशेष निगरानी में रखें। कील, सुई और अन्य नुकीली या छोटी खतरनाक वस्तुओं को बच्चों की पहुंच से दूर रखें, ताकि इस तरह की गंभीर घटनाओं से बचा जा सके।
