उत्तराखण्ड

उत्तराखण्ड में संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रहीः गुर्जर

देहरादून। भारतीय किसान यूनियन ने जिलाधिकारी देहरादून के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष चौधरी लाल किए गुर्जर की और से कहा गया है कि हमारे देश में एक देश एक सविधान की बात बार-बार की जा रही है, मगर हमारे राज्य उत्तराखण्ड में संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही है। उत्तराखण्ड राज्य का गठन सन 2000 में हुआ था। आज सरकार तो कुछ नुमाईन्दें यह कह रहे है कि उत्तराखण्ड में जो लोग 1950 से रह रहे है वो यहां के मूल निवासी होगें, जबकि वर्ष 1950 में तो हमारे देश का संविधान लागू नही हुआ था। यह कथन गलत है कि 1950 का रहने वाला ही मूल निवासी होगा। हमारे संविधान में साफ तौर पर लिखा गया है कि राज्य का गठन जिस दिन होगा उस समय से जो व्यक्ति वहां निवास कर रहा है वो वहां का मूल निवासी होगा। हमारे उत्तराखण्ड राज्य के अन्दर इसके विपरीत कोई कदम उत्तराखण्ड सरकार उठाती है तो उत्तराखण्ड का सर्व समाज जन आन्दोलन करने के लिए मजबूर होगा जिसकी समस्त जिम्मेदारी उत्तराखण्ड सरकार की होगी। सर्वसमाज राज्य सरकार से मांग करता है कि जिस दिन उत्तराखण्ड राज्य का गठन हुआ था उस दिन से जो व्यक्ति यहां निवास कर रहा था वो यहां का मूल निवासी होगा उसका मूल निवास व जाति प्रमाण पत्र उत्तराखण्ड सरकार देने के लिए बाध्य है और रहेगी।

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