उत्तराखण्डराजनीति

आपदा काल में भाजपा नेता के सपरिवार केदार दर्शन पर आग बबूला हुई कांग्रेस

देहरादून। कांग्रेस ने आपदा काल में भाजपा के पांचों सांसदों की सशरीर सक्रियता व स्थगित यात्रा के समय भाजपा विधायक के सपरिवार केदार दर्शन पर कड़े सवाल उठाए हैं।

केदारनाथ धाम समेत पूरा उत्तराखंड राज्य आज आपदा की चपेट में है । कई लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। अरबों रुपए की संपत्ति नष्ट हो गई है लेकिन अभी तक राज्य के चुने हुए पांच में से एक भी सांसद का आपदा काल में कहीं अता पता नहीं है ।

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पिछले चार दिनों से हजारों लोग केदार घाटी में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे है किंतु प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के चहेते गढ़वाल सांसद कहीं नजर नहीं आ रहे हैं, और ना ही चौथी बार जीती सांसद टिहरी व उत्तरकाशी व देहरादून में आई आपदा के बाद कहीं पीड़ित और प्रभावित लोगों के बीच नजर आईं।

धस्माना ने कहा कि कुमाऊं मंडल में भी अलग अलग स्थानों पर बारिश के कारण बड़ी जान माल की हानी हुई है किंतु वहां भी लोग अपने सांसदों को खोज रहे हैं । धस्माना ने कहा कि लोकसभा चुनावों के दौरान गृहमंत्री अमित शाह ने गढ़वाल के लोगों से कहा था कि आप अनिल बलूनी को सांसद जिता कर भेजो और गढ़वाल की चिंता मुझ पर छोड़ दो। इसके बाद लोगों ने थोक में वोट देकर भाजपा प्रत्याशी को जिता दिया ।

उन्होंने कहा कि चार दिन बाद बलूनी को आपदा प्रभावित क्षेत्र में आने की याद आई। धस्माना ने कहा कि उत्तराखंड के पांचों सांसद उत्तराखंड की जनता को पांचों सीटों पर भाजपा की हैट्रिक का नायाब इनाम दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता वायनाड में आई आपदा पर राहुल गांधी को तरह तरह की उलहाना दे रहे हैं किंतु किसी भी भाजपा के नेता के अंदर इतना साहस नहीं है कि वो उत्तराखंड के किसी सांसद से यह पूछ ले कि आपदा आने के इतने दिनों बाद भी वे आपदा प्रभावित इलाकों में क्यों नहीं गए।

धस्माना ने राज्य की सरकार व जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग से सवाल पूछा है कि जब केदार घाटी में रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है उसके बीच में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को हेलीकॉप्टर में वीआईपी दर्शन के लिए कैसे ले जाया जा रहा है। जबकि सरकार एक अगस्त को ही यात्रा स्थगित करने की घोषणा कर चुकी है और दो अगस्त को भाजपा नेताओं को बाकायदा हेलीकॉप्टर से केदारनाथ जी के दर्शन के लिए ले जाया गया जबकि अभी केदार घाटी में हजारों लोग फंसे हुए हैं।

धस्माना ने कहा कि केदार घाटी में आई आपदा के चार दिन बाद भी अभी तक सरकार जिला प्रशासन या आपदा प्रबंधन विभाग यह बताने की स्थिति में नहीं है कि कितनी जान माल की हानि हुई है।

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