उत्तराखण्डराजनीति

भाजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेस का अगले छह महीने तक संघर्ष का ऐलान

निकट भविष्य में गढ़वाल व कुमाऊं में दो बड़ी रैलियों का आयोजन 

देहरादून। उत्तराखंड में कांग्रेस ने भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर ली है। गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में हुई बैठक में पार्टी ने राज्य सरकार की नीतियों के विरोध में गढ़वाल और कुमाऊं में दो विशाल रैलियां आयोजित करने का निर्णय लिया। इसके साथ ही अगले छह महीनों तक भाजपा के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन चलाने की रणनीति बनाई गई।

‘मेरा वोट, मेरा अधिकार’ अभियान की समीक्षा

बैठक में प्रदेशभर में चलाए जा रहे ‘मेरा वोट, मेरा अधिकार’ अभियान की समीक्षा की गई। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा सरकार चुनाव जीतने के लिए लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान के सिद्धांतों को कमजोर कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल मतदाता सूची में हेरफेर कर चुनावी धांधली को बढ़ावा दे रहा है। कांग्रेस इस साजिश को जनता के सामने लाने के लिए संघर्ष करेगी और उत्तराखंडियत को मुद्दा बनाकर जनता के बीच जाएगी।

जिला और महानगर अध्यक्षों के लिए प्रशिक्षण शिविर

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने बताया कि 21 और 22 मार्च को शहंशाही रिसॉर्ट में जिला एवं महानगर अध्यक्षों के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा। इस शिविर में संगठन की मजबूती और जनहित के मुद्दों पर उन्हें जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के खिलाफ जन-जागरण अभियान तेज किया जाएगा और हर पोलिंग बूथ पर उन मतदाताओं की सूची तैयार की जाएगी, जिनके नाम निकाय चुनाव और केदारनाथ उपचुनाव में काटे गए थे।

भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और महिला सुरक्षा पर हमला बोलेगी कांग्रेस

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि भाजपा सरकार के तीन वर्षों की सबसे बड़ी “उपलब्धियां” भ्रष्टाचार, महिला अत्याचार और बेरोजगारी रही हैं। कांग्रेस राज्य में इन विफलताओं को उजागर करेगी और जनता को भाजपा सरकार की नीतियों की सच्चाई बताएगी।

भाजपा सांप्रदायिक मुद्दों से ध्यान भटका रही: कांग्रेस

कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य गुरदीप सिंह सप्पल ने कहा कि प्रदेश और देश में बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार चरम पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार असली मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए सांप्रदायिक राजनीति कर रही है। कांग्रेस पार्टी इसके खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन करेगी और सड़कों पर उतरकर जनता की आवाज बुलंद करेगी।

बैठक में वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी

बैठक में प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेस नेता, विधायक और पूर्व मंत्री उपस्थित रहे। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और गणेश गोदियाल समेत सभी वरिष्ठ नेताओं ने संगठन की मजबूती और आगामी आंदोलन की रणनीति को लेकर अपने सुझाव दिए। विधायकों ने विधानसभा के बजट सत्र में उठाए गए मुद्दों और सरकार पर बनाए गए दबाव की जानकारी साझा की।

बैठक में उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, विधायक तिलकराज बेहड़, काजी निजामुद्दीन, पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा, पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत, हीरा सिंह बिष्ट, नवप्रभात समेत 18 विधायक उपस्थित रहे। हालांकि, विधायक मयूख महर और गोपाल राणा बैठक में शामिल नहीं हुए।

कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल का इस्तीफा कांग्रेस की जीत

बैठक में कांग्रेस नेताओं ने कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे को पार्टी की नैतिक जीत बताया और इसे भाजपा सरकार की नीतिगत असफलता करार दिया।

कांग्रेस का यह आंदोलन आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। पार्टी का लक्ष्य भाजपा की नीतियों के खिलाफ जनता को लामबंद करना और संगठन को मजबूत करना है।

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