मुरादाबाद से लापता बालक 15 दिन बाद हरिद्वार में मिला

हरिद्वार (चंद्रशेखर जोशी)। घर से नाराज होकर करीब 15 दिन पहले निकला मुरादाबाद निवासी एक बालक हरिद्वार में सकुशल बरामद हो गया। हरिद्वार पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) ने बालक को हरकी पैड़ी क्षेत्र के विभिन्न गंगा घाटों से रेस्क्यू कर आवश्यक कार्रवाई के बाद उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पोते के सकुशल मिलने की सूचना पर बुजुर्ग दादी तत्काल हरिद्वार पहुंचीं। लंबे समय बाद पोते को सामने देखकर उनकी आंखें भर आईं और उन्होंने हरिद्वार पुलिस का आभार जताया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देशन, पुलिस उपाधीक्षक रुड़की एवं नोडल एएचटीयू ओशिन जोशी के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र रमोला के नेतृत्व में एएचटीयू टीम ने बालक की तलाश और परिजनों से मिलाने की कार्रवाई की। बताया गया कि मुरादाबाद निवासी बालक, जिसे समाचार में अजमल (काल्पनिक नाम) बताया गया है, करीब 15 दिन पूर्व घर से नाराज होकर बिना बताए निकल गया था। वह ट्रेन के माध्यम से हरिद्वार पहुंचा था और हरकी पैड़ी क्षेत्र के विभिन्न गंगा घाटों पर घूम रहा था। पुलिस टीम ने उसे दयनीय स्थिति में देखकर रेस्क्यू किया।
एएचटीयू ने बालक के संबंध में आवश्यक जानकारी जुटाकर उसके परिजनों से संपर्क किया गया। सूचना मिलते ही उसकी बुजुर्ग दादी और बहन हरिद्वार पहुंचीं। बाल कल्याण समिति हरिद्वार के समक्ष बालक और उसकी दादी को प्रस्तुत कर आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी की गई। वीडियो कॉल के माध्यम से बालक, उसकी दादी और बहन की काउंसलिंग भी कराई गई। प्रक्रिया पूरी होने के बाद बालक को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
दादी ने बताया कि बालक के माता-पिता का निधन हो चुका है और वह कुछ समय से उनके साथ रह रहा था। करीब 15 दिन पहले उन्होंने दवा लेने के लिए उसे 300 रुपये दिए थे। दवा लेने के बाद वह वापस घर नहीं लौटा। काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चल सका। हरिद्वार पुलिस का फोन आने पर उन्हें पोते के हरिद्वार में होने की जानकारी मिली, जिसके बाद वह तत्काल अपनी बेटी के साथ हरिद्वार पहुंचीं।
पोते को सकुशल देखकर बुजुर्ग दादी भावुक हो गईं। उन्होंने लड़खड़ाती आवाज में बार-बार पुलिस का धन्यवाद करते हुए पुलिस टीम के प्रति आभार जताया। रेस्क्यू अभियान में महिला कांस्टेबल शशिबाला, कांस्टेबल दीपक तथा कांस्टेबल चालक दीपक शामिल रहे।



