काला या हरा अंगूर, कौन सा होता है अधिक फायदेमंद? जानिए अध्ययन में क्या पता चला

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए नियमित रूप से पोषक तत्वों से भरपूर चीजों के सेवन की सलाह दी जाती है, इसके लिए आहार में फलों को शामिल करना सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है। फलों में शरीर के लिए आवश्यक कई प्रकार के पोषक तत्वों का भंडार होता है जोकि कई तरह की बीमारियों के जोखिम को कम करने में सहायक है। हालांकि कुछ फलों को लेकर अक्सर लोगों के मन में कई प्रकार के प्रश्न रहते हैं। इस लेख में हम अंगूर के सेवन से होने वाले फायदों को जानने के साथ यह जानने की भी कोशिश करेगे कि बाजार में मिलने वाले काले और हरे अंगूरों में क्या अंतर है? सेहत के लिहाज से किसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है? काले और हरे अंगूरों में चयन को लेकर अक्सर लोगों में कंफ्यूजन की स्थिति देखने को मिलती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कि वैसे तो दोनों ही तरह के अंगूर को शरीर के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। हालांकि कुछ अध्ययनों में इस बात के प्रमाण मिलते हैं कि काले अंगूर की कुछ किस्मों में हरे या लाल अंगूर की तुलना में बहुत अधिक एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। ये रासायनिक यौगिक आपकी कोशिकाओं को नुकसान से बचाने में मदद करते हैं। इसका सेवन कैंसर, मधुमेह, अल्जाइमर, पार्किंसंस और हृदय रोग जैसी बीमारियों से आपको बचा सकता है। आइए दोनों अंगूरों के बारे में जानते हैं।
हरे अंगूर
सामान्यतौर पर हरे अंगूरों की किस्म बाजार में अधिक उपलब्ध होती है। सर्दियों के मौसम में भारत में अंगूर बहुतायत में उपलब्ध होते हैं। हरे अंगूरों का सेवन शरीर को कई प्रकार के पोषक तत्वों की पूर्ति कर सकता है। इसमें विटामिन-ए होता है जो आपके इम्यून सिस्टम के लिए अच्छा होता है। इसके अलावा अंगूरों को विटामिन-सी का भी अच्छा स्रोत मना जाता है जो संक्रमण से शरीर को सुरक्षित रखने के साथ प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में सहायक है। अंगूरों में विटामिन-के भी पाया जाता है जो रक्त के थक्के बनाने के लिए आवश्यक होता है।
काले अंगूर
हरे अंगूरों की ही तरह से काले अंगूरों को भी सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। विटामिन्स के मामले में काले अंगूर, हरे अंगूर के समान ही होते हैं। हालांकि कुछ अध्ययनों में काले अंगूर में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स का जिक्र मिलता है जो इसे खास बनाता है। एंटीऑक्सीडेंट्स, शरीर को फ्री-रेडिकल्स से होने वाली क्षति से सुरक्षित रखते हैं जिससे कैंसर, हृदय रोग जैसी बीमारियों का जोखिम कम होता है।
क्या कहते हैं शोधकर्ता?
अध्ययनकर्ताओं का कहना है कि अलग-अलग प्रकार की किस्मों वाले अंगूरों में यह भेद करना कठिन हो जाता है कि कौन से अंगूर ज्यादा फायदेमंद हैं? यह निर्भर करता है कि आपको किस प्रकार के विटामिन्स की आवश्यकता अधिक है। काले अंगूरों में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं संभवत: इसी कारण से इसकी मांग बढ़ी है। कुछ अध्ययन यह भी बताते हैं कि हरे अंगूरों में भी कैटेचिन, क्वेरसेटिन और एंथोसायनिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, ऐसे में इनका चयन आप अपनी पसंद के आधार पर कर सकते हैं।
दोनों की अलग-अलग विशेषता
विशेषज्ञ कहते हैं कि कौन से अंगूर का सेवन करना चाहते हैं, यह आपके चयन का विषय है। दोनों ही अंगूर स्वास्थ्यवर्धक हैं। काले अंगूरों में अधिक रेस्वेराट्रोल होता है वहीं हरे अंगूर में कैटेचिन होते हैं, ऐसे में दोनों की अलग-अलग विशेषता है। कौन से अंगूर आपके लिए फायदेमंद हैं यह पूरी तरह से आपकी पसंद पर निर्भर करता है।




