अंकिता हत्याकांड: दोषी पुलकित, सौरभ और अंकित को कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा

देहरादून l उत्तराखंड (Uttarakhand) के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड (Ankita Bhandari Murder Case) में अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है.
वर्ष 2022 में हुए अंकिता भंडारी हत्याकांड में कोर्ट ने तीनों आरोपियों -पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी करार दिया है. कुछ देर में उनके खिलाफ सजा का ऐलान होगा. तीनों आरोपियों को 302, 354, 120 धाराओं में दोषी पाया गया. कोटद्वारा में एडीजे कोर्ट ने तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 50-50 हजार रुपये का अर्थ दंड और अंकिता के परिजनों को चार लाख रुपये देने का फैसला भी कोर्ट ने सुनाया।
18 सिंतबर, 2022 को वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या कर उसका शव चीला की शक्ति नहर में फेंक दिया था. घटना के एक सप्ताह बाद चीला नहर से अंकिता शव बरामद हुआ था.
सड़कों पर बैरिकेडिंग लगाई गई
तीनों आरोपियों को दोषी ठहराए जाने के बाद अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में कोटद्वार में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय सजा का ऐलान करेगी.अदालत के इस फैसले पर पूरे उत्तराखंड और देश के लोगों की निगाहें टिकी हुई हैं. कोटद्वार में इसके लिए पुलिस प्रशासन की ओर से व्यापक इंतजाम किए गए हैं. गढ़वाल मंडल के विभिन्न जनपदों से पुलिस फोर्स कोटद्वार बुलाई गई है.अदालत परिसर के बाहर की सड़कों पर बैरिकेडिंग लगाई गई है ताकि कोई गड़बड़ न हो. उधर, न्यायालय का फैसला आने से ऐन पहले भीड़ ने पुलिस प्रशासन द्वारा की गई बैरिकेडिंग को तोड़कर न्यायालय की ओर बढ़ने की भीड़ की कोशिश की। पुलिस पूरी ताकत से लोगों को अंदर जाने से रोकने का प्रयास कर रही है।
19 मई को अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता विशेष लोक अभियोजक अवनीश नेगी की ओर से बचाव पक्ष की बहस का जवाब देकर सुनवाई का सिलसिला समाप्त किया गया था. अदालत ने दोनों पक्षों की बहस व दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाने के लिए 30 मई की तारीख दी थी.
47 गवाह हुए पेश
कोटद्वार स्थित एडीजे कोर्ट में 30 जनवरी, 2023 को मामले की सुनवाई शुरू की थी. एसआईटी जांच के बाद अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में 500 पेज का आरोपपत्र दाखिल किया गया था.
अंकिता हत्या कांड के तीनों आरोपी वनंत्रा रिजाॅर्ट के मालिक पुलकित आर्य, उसके कर्मचारी सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता पर आरोप तय होने के बाद 28 मार्च, 2023 से अभियोजन पक्ष की गवाही शुरू हुई. करीब दो साल और आठ महीने तक चली सुनवाई में अभियोजन पक्ष की ओर से विवेचक समेत 47 गवाह अदालत में पेश किए गए, हालांकि एसआईटी ने इस मामले में लग भग 97 गवाह बनाए थे, जिनमें से 47 अहम गवाहों को ही अदालत में पेश कराया गया.
अदालत इस मामले में अपना फैसला सुना देगी,वही अंकिता के पिता ने तीनों आरोपों के लिए फांसी की सजा की मांग की है.
कब क्या हुआ
- रिजॉर्ट के मालिक पुलकित ने 20 सितंबर 2022 को अंकिता के गुम होने की राजस्व क्षेत्र पट्टी उदयपुर पल्ला में शिकायत की।
- लोगों का प्रदर्शन शुरू हुआ तो 22 सितंबर 2022 को जिलाधिकारी के आदेश से यह मामला नियमित पुलिस लक्ष्मणझूला थाने को दिया गया।
- लक्ष्मण झूला पुलिस ने जांच की और पुलकित, अंकित और सौरभ से पूछताछ में पता चला कि उन्होंने 18 सितंबर को उसकी हत्या कर दी।
- हत्या का कारण यही आया कि तीनों उस पर अनैतिक कार्यों को करने का दबाव डाल रहे थे। राज बाहर न आए इसलिए उसे चीला नहर में धक्का दे दिया।
- 22 सितंबर को पुलिस ने मुकदमे से अपहरण की धारा हटाकर हत्या, साक्ष्य छुपाने और आपराधिक षडयंत्र की धारा जोड़ दी।
- 23 सितंबर को न्यायालय के आदेश पर तीनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। इस दौरान भी लोगों ने उग्र प्रदर्शन किया।
- 24 सितंबर को अंकिता भंडारी का शव घटनास्थल से 13 किलोमीटर दूर चीला नहर बैराज इंटेक से बरामद किया गया।
- 24 सितंबर को ही अंकिता का एम्स ऋषिकेश के विशेषज्ञों की टीम ने पोस्टमार्टम किया।
- 24 सितंबर एडीजी अपराध एवं कानून व्यवस्था के निर्देश मुकदमे की विवेचना के लिए डीआईजी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया।
- 26 सितंबर को तीनों आरोपियों को पुलिस कस्टडी रिमांड में लेकर क्राइम सीन दोहराया गया।
- विवेचना के दौरान आरोपियों के खिलाफ अनैतिक देह व्यापार अधिनियम की धाराएं भी मुकदमे में जोड़ दी गईं।
- 16 दिसंबर को पुलकित, अंकित और सौरभ के खिलाफ हत्या, साक्ष्य छुपाने, छेड़खानी और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की गई।
- 30 मई 2025 को आया फैसला।




