मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मस्जिद के निकट बरात घर के एक हिस्से को बुलडोजर चलाकर तोड़ा गया है। इसके साथ ही मस्जिद के आस-पास में अवैध अतिक्रमण को तोड़ा है। बरात घर के अलावा दो दुकानें और तीन डिस्पेंसरी पर कार्रवाई की गई है।
डीसीपी निधिन वलसन ने कहा कि एमसीडी तोड़फोड़ कर रही है। हमने सुरक्षा के लिए अपने स्टाफ को तैनात किया है। कार्रवाई रात करीब एक बजे शुरू हुई। MCD ने हाई कोर्ट के आदेशों के अनुसार कब्जे वाली जमीन पर तोड़फोड़ की। रात में पुलिस पर पत्थर फेंके गए।
हमने उन्हें पीछे हटाने के लिए कम से कम बल का इस्तेमाल किया। इसके अलावा, पूरी प्रक्रिया बहुत सुचारू रूप से चली। 4 से 5 अधिकारियों को मामूली चोटें आईं। जैसे ही हमें CCTV कैमरा फुटेज, ग्राउंड फुटेज और बॉडी कैमरा फुटेज मिलेगा, हम बदमाशों की पहचान करेंगे और कानूनी कार्रवाई करेंगे।
दिल्ली नगर निगम के डीसी विवेक अग्रवाल ने बताया कि कोर्ट के आदेश के तहत हमने यह कार्रवाई की है। यह कार्रवाई हमने रात के समय ही शुरू की थी… हमने इस कार्य में 32 जेसीबी लगाई हैं… जो अतिक्रमण वेस्ट रह गया है जिसे जल्द ही उठा लिया जाएगा। रात को हुए पथराव की घटना में किसी को चोट नहीं आई है। पुलिस ने बहुत अच्छा काम किया है और तुरंत स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया।
दिल्ली नगर निगम के DC विवेक अग्रवाल ने तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण पर बताया कि ये मामला काफी समय से हाई कोर्ट में चल रहा था।
दिल्ली नगर निगम के DC विवेक अग्रवाल ने तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण पर बताया कि ये मामला काफी समय से हाई कोर्ट में चल रहा था। हाई कोर्ट के आदेश के बाद इस पर कार्रवाई की गई है। यह लगभग 36,400 वर्ग फुट का क्षेत्र था।
इसके आस-पास दो मंजिला दीवार थी जिस पर एक मंजिला ढांचा बना हुआ था। मस्जिद के पास जितनी जमीन थी वो सुरक्षित है। पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल उपलब्ध करवाया गया था। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी रात भर मौके पर मौजूद रहे।
हमारी टीम को पूरी सुरक्षा दी गई। रात में पथराव की घटना हुई लेकिन पुलिस की पूरी तैयारी थी। इसमें 32 JCB, 4 पोकलेन मशीन, न्यूमेटिक हैमर और कई ट्रकों का हमने इस्तेमाल किया। हमारी टीम के किसी सदस्य को कोई हानि नहीं हुई है।
एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा कि बरात घर बाद में बनाया गया, पहले यहां कब्रिस्तान हुआ करता था, दरगाह के लोगों ने (कब्रिस्तान हटाकर बरात घर बनाया), पहले यहां कब्रिस्तान था।.यहां बरात घर नहीं बनना चाहिए था।
अतिक्रमण हटाने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को सैयद फैज इलाही
मस्जिद और कब्रिस्तान से सटी जमीन पर कथित अतिक्रमण हटाने के अधिकारियों के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर नगर निगम (एमसीडी), दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए), शहरी विकास मंत्रालय के भूमि एवं विकास कार्यालय (एलएंडडीओ), लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और दिल्ली वक्फ बोर्ड से जवाब मांगा है।
गौरतलब है कि 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास एक कार में हुए उच्च तीव्रता वाले विस्फोट से पहले कथित आत्मघाती हमलावर उमर उन नबी ने पुरानी दिल्ली की इस सदी पुरानी मस्जिद में 10 मिनट से अधिक समय बिताया था। इस विस्फोट में 15 लोगों की मौत हो गई थी।
न्यायमूर्ति अमित बंसल की पीठ ने मस्जिद सैयद फैज इलाही की प्रबंध समिति द्वारा दाखिल याचिका पर नोटिस जारी करते हुए कहा कि मामला विचारणीय है। पीठ ने संबंधित अधिकारियों को चार सप्ताह के अंदर याचिका पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया और मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल निर्धारित की।
याचिका में एमसीडी के 22 दिसंबर 2025 के उस आदेश को रद्द करने की मांग की गई है जिसमें कहा गया है कि मस्जिद वाली 0.195 एकड़ जमीन को छोड़कर बाकी सभी संरचनाएं ध्वस्त करने योग्य हैं, क्योंकि मस्जिद प्रबंध समिति या दिल्ली वक्फ बोर्ड ने जमीन के स्वामित्व या वैध कब्जे का कोई दस्तावेजी प्रमाण नहीं पेश किया है।