चार घंटे में जानलेवा हमला करने वाला आरोपी गिरफ्तार
तमंचा व खोखा कारतूस बरामद
हरिद्वार (चंद्रशेखर जोशी)। थाना पथरी क्षेत्र के ग्राम कटारपुर में पुरानी रंजिश के चलते फायरिंग के मामले का पुलिस ने महज चार घंटे के भीतर खुलासा करते हुए नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल तमंचा और एक खोखा कारतूस भी बरामद किया है। खास बात यह रही कि फायरिंग करने के बाद आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने के लिए डायल-112 पर खुद के ऊपर जानलेवा हमला होने की झूठी सूचना दे दी थी।
पुलिस के अनुसार 5 अक्टूबर 2026 को ग्राम कटारपुर में पुरानी रंजिश को लेकर अवैध असलाह से फायरिंग की सूचना मिली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी नवनीत सिंह ने घटना का शीघ्र अनावरण करते हुए आरोपी की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। इसके बाद थाना पथरी पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र से साक्ष्य जुटाते हुए मामले की जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को घटना में नामजद अर्जुन पुत्र सुरेंद्र, निवासी ग्राम कटारपुर, थाना पथरी, हरिद्वार की भूमिका संदिग्ध मिली। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो घटनाक्रम की कड़ियां जुड़ती चली गईं। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में अर्जुन ने बताया कि करीब एक वर्ष पूर्व विक्की और उसके साथियों ने उसके साथ फायरिंग की थी। इस मामले में न्यायालय में मुकदमा विचाराधीन है। इसी पुरानी रंजिश के चलते उसने कथित तौर पर विक्की को जान से मारने की नीयत से फायरिंग की। फायरिंग के बाद आरोपी ने पुलिस को भ्रमित करने के लिए खुद को पीड़ित दिखाने की कोशिश की। आरोप है कि उसने डायल-112 पर सूचना दी कि विक्की ने दोबारा उसके ऊपर फायरिंग कर दी है। पुलिस ने मामले की गहनता से जांच की तो आरोपी की यह कहानी ज्यादा देर टिक नहीं सकी।
पुलिस टीम ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों पूछताछ और अन्य तथ्यों को जोड़ते हुए पूरे मामले का पर्दाफाश किया। आरोपी की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त 315 बोर का तमंचा और एक खोखा कारतूस बरामद किया गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसे मंगलवार को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से न केवल फायरिंग की घटना का खुलासा हुआ, बल्कि पुलिस को गुमराह कर जांच की दिशा बदलने की आरोपी की कोशिश भी नाकाम कर दी गई। आरोपी अर्जुन पुत्र सुरेंद्र, निवासी ग्राम कटारपुर थाना पथरी हरिद्वार का मेडिकल कराने के बाद कोर्ट पेश किया। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक मोहन कठैत, चौकी प्रभारी फेरूपुर; कांस्टेबल नरेश बहुगुणा, रविंद्र बिष्ट, सोहन राणा, अनिल पंवार एवं सुबोध शर्मा शामिल थे।



