अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के आरोपी ने किया सरेंडर

नाबालिग से ले चुका था एक लाख
हरिद्वार (चंद्रशेखर जोशी)। नाबालिग को प्रेम जाल में फंसाकर दुष्कर्म करने और अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के मामले में वांछित आरोपी ने कनखल पुलिस की लगातार दबिश से घबरा कर कोतवाली पहुंच कर आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने नाबालिग को वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उससे करीब एक लाख रुपये भी लिए थे और इसके बाद लगातार और पैसों की मांग कर रहा था।
पुलिस के मुताबिक तीन सितंबर 2026 को पीड़िता की मां ने कोतवाली कनखल में तहरीर देकर बताया था कि एक युवक ने उनकी नाबालिग पुत्री से दोस्ती कर उसे अपने विश्वास में लिया। आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया तथा उसके फोटो और वीडियो बना लिए। इन्हीं फोटो-वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर आरोपी नाबालिग को ब्लैकमेल करने लगा। डर के कारण नाबालिग ने आरोपी को एक लाख रुपये दे दिए, लेकिन इसके बावजूद उसकी पैसों की मांग जारी रही।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली कनखल में मुकदमा पॉक्सो अधिनियम समेत संबंधित धाराओं में अभियोग दर्ज किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार नवनीत सिंह के निर्देशन में आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने आरोपी की तलाश में लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दी।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी दिल्ली, नोएडा, अलीगढ़, बरेली और हरिद्वार सहित विभिन्न स्थानों पर लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा। कनखल पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश देती रही। पुलिस कार्रवाई से घिरता देख आरोपी आखिरकार कोतवाली कनखल पहुंचा और आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। आरोपी की पहचान गौरव कुमार पुत्र धनपाल निवासी बफरी बुजुर्गथाना शाही, जनपद बरेली (हाल निवासी सगरावाला जगजीतपुर कनखल हरिद्वार) के रूप में हुई है। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक देवेन्द्र पाल, महिला उपनिरीक्षक सीमा आर्य, कांस्टेबल रणजीत सिंह व महिला कांस्टेबल सुष्मिता रावत शामिल रहे।



