नशे से दूर रहकर ही बनेगा विकसित भारत, छात्र-छात्राओं ने लिया जागरूकता का संदेश

भाजपा के सेवा संकल्प अभियान के तहत कार्यशाला आयोजित, युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए लगातार अभियान चलाने पर जोर
मसूरी। युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त से बचाकर सकारात्मक सोच और स्वस्थ जीवनशैली की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से भारतीय जनता पार्टी के सेवा संकल्प अभियान के तहत नशा मुक्त भारत अभियान पर महात्मा योगेश्वर सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग कर नशे के दुष्परिणामों और इससे दूर रहने के महत्व को समझा। कार्यशाला में आचार्य उमेश नौटियाल ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि नशे की लत से दूर रहकर स्वस्थ जीवन अपनाना ही समाज और राष्ट्र की उन्नति का वास्तविक मार्ग है। युवा देश का भविष्य हैं और उनकी ऊर्जा का उपयोग शिक्षा, खेल, रचनात्मक कार्यों और राष्ट्र निर्माण में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को नशे के अंधकार से निकालकर सकारात्मकता और उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जाना सामूहिक जिम्मेदारी है। जब युवा नशे से दूर रहेंगे, तभी सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत का सपना साकार हो सकेगा। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त भारत का संकल्प केवल किसी एक संस्था या संगठन तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए परिवार, विद्यालय, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों को मिलकर प्रयास करने होंगे। गांव-गांव और शहर-शहर जागरूकता फैलाकर युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करना इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। भाजपा मसूरी मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने कहा कि मसूरी में नशे के खिलाफ अभियान को लगातार आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए समय-समय पर ऐसी कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी, ताकि विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़े और वे नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित हों। उन्होंने नशे की बिक्री के खिलाफ सख्ती और समाज की भागीदारी को जरूरी बताते हुए कहा कि युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है। कार्यशाला में इंटरविल क्लब की अध्यक्ष किरण त्रिपाठी, रश्मि करनवाल, गीता, चिकित्सा प्रकोष्ठ की संयोजक डॉ. सृष्टि करनवाल और रीना माथुर सहित अन्य लोग मौजूद रहे।



