उत्तराखण्डधर्म-संस्कृति

राज्य में मदरसों के क्रियाकलापों की होगी जांच मूल

सभी जिलाधिकारियों जांच कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश
उत्तराखंड में 452 मदरसे, आठवीं तक के 400, नवीं से बारहवीं तक के 52 बच्चे

देहरादून। ये जानने के लिए कि बच्चे अपनी इच्छा से आ रहे हैं या उसके पीछे कुछ वजह है, राज्य के सभी मदरसों की जांच की जाएगी। शासन ने सभी जिलाधिकारियों को जांच के निर्देश दिए हैं। .मदरसों के दैनिक क्रियाकलाप, छात्रों की उपस्थिति, विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ, वित्तीय स्रोत की स्थिति समेत अन्य बिंदुओं की पड़ताल की जाएगी।

शासन की तरफ से जारी निर्देश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी मदरसे में अनियमितता की बात सामने आई तो उसके विरुद्ध कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। राज्य में वर्तमान में 452 मदरसे हैं इनमें पहली से आठवीं तक के 400 और नौवीं से 12वीं तक बच्चों की संख्या 52 है। किसी भी प्रकार की अनियमितता की बात सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी।

मदरसों में अन्य राज्यों से बच्चों को लाने की शिकायतों की पहले से जांच चल रही है। मैदानी क्षेत्रों में संचालित मदरसों में पढ़ाई के लिए अन्य प्रदेशों से बच्चों को लाने की शिकायतों ने सरकार के सचेत हो गई थी। इस कड़ी में शासन ने एक महीने पहले ऊधम सिंह नगर, हरिद्वार, नैनीताल व देहरादून जिलों के डीएम को विशेष रूप से जांच कराने के आदेश दिए थे कि ये बच्चे अपनी सहमति से आ रहे हैं या फिर इसके पीछे कोई अन्य वजह है।

इस बीच यह बात भी सामने आई कि कतिपय मदरसों में पीएम पोषण योजना समेत अन्य कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में अनियमितता बरती जा रही है। अब मदरसों की विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए हैं। विशेष सचिव अल्पसंख्यक कल्याण डा. पराग मधुकर धकाते ने कहा कि इस मामले में जांच के निर्देश दिए गए हैं।

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