टीनबुक कार्यक्रम के अंतर्गत रा. इं. कॉलेज श्यामपुर में “इंटरनेट, सोशल मीडिया और हम” पर कार्यशाला आयोजित

हरिद्वार/बहादराबाद (बी बी चंदेला )l
राजकीय इंटर कॉलेज श्यामपुर (बहादराबाद) में डेवलपमेंट कंसोर्टियम द्वारा टीनबुक कार्यक्रम के अंतर्गत “इंटरनेट, सोशल मीडिया और हम” विषय पर एक महत्वपूर्ण और संवादात्मक कार्यशाला आयोजित की गई। इस सत्र का संचालन डीसी टीम के अतुल आज़ाद और हिमांशी ने किया, जिन्होंने विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया की समझ और जिम्मेदार उपयोग के बारे में जागरूक किया।
कार्यशाला की शुरुआत आज के समय में इंटरनेट की बढ़ती भूमिका पर चर्चा के साथ हुई। विद्यार्थियों को बताया गया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म न केवल जानकारी का स्रोत हैं, बल्कि सीखने, अभिव्यक्ति और अवसरों का भी माध्यम हैं।
अतुल आज़ाद ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए डिजिटल इंडिया की अवधारणा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “जब भारत तेजी से डिजिटल बन रहा है, तब युवाओं के लिए यह और भी जरूरी हो जाता है कि वे डिजिटल प्लेटफॉर्म का सुरक्षित और समझदारी से उपयोग करना सीखें। छात्रों को इंटरनेट का उपयोग करते समय सोच-समझकर और जिम्मेदारी के साथ निर्णय लेने चाहिए।”
हिमांशी ने विभिन्न गतिविधियों और चर्चाओं के माध्यम से छात्रों को जोड़ा और उन्हें अपनी ऑनलाइन आदतों पर विचार करने के लिए प्रेरित किया। सत्र में साइबर सुरक्षा, डिजिटल फुटप्रिंट, ऑनलाइन व्यवहार, फेक न्यूज की पहचान और सोशल मीडिया के संतुलित उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।कार्यशाला को और अधिक रोचक और प्रभावी बनाने के लिए टीनबुक की एक दिलचस्प वीडियो भी दिखाई गई, जिसने छात्रों का ध्यान आकर्षित किया। इस वीडियो के माध्यम से जटिल विषयों को सरल तरीके से समझाया गया, जिससे सभी छात्र न केवल आसानी से समझ पाए, बल्कि उन्होंने सत्र का आनंद भी लिया।
विद्यार्थियों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया, अपने अनुभव साझा किए और कई सवाल पूछे, जिससे सत्र और भी जीवंत बन गया। उन्हें यह भी सिखाया गया कि वे अपनी निजी जानकारी को कैसे सुरक्षित रखें और सही तथा गलत जानकारी में अंतर कैसे पहचानें।
कार्यशाला के दौरान भूपेन्द्र कुमार, बिजेन्द्र, पूजा चन्दोला और ममता जोशी के साथ प्रधानाचार्य महेन्द्र लाल भी उपस्थित रहे।
कार्यशाला के अंत में विद्यार्थियों को डिजिटल नागरिकता के मूल सिद्धांतों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें यह समझाया गया कि वे ऑनलाइन दुनिया में वही व्यवहार करें, जो वे वास्तविक जीवन में अपनाते हैं—सम्मानजनक, जिम्मेदार और सजग।



