
नई दिल्ली । वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने आज सुबह महाराष्ट्र के लातूर में अंतिम सांस ली। पाटिल 90 साल के थे। सुबह करीब 6:30 बजे उनका लातूर स्थित अपने घर में निधन हो गया। शिवराज पाटिल लंबे समय से बीमार चल रहे थे, जिसके चलते उनका घर पर ही इलाज किया जा रहा था। उनका पूरा नाम शिवराज पाटिल चाकुरकर था। उन्होंने लोकसभा के सभापति और विभिन्न केंद्रीय मंत्री के पद की जिम्मेदारी संभाली है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का आज यानी शुक्रवार की सुबह महाराष्ट्र के लातूर में निधन हो गया। उन्होंने 90 साल की उम्र में अंतिम सांस ली और दुनिया को अलविदा कहा। पाटिल अपने पूरे राजनीतिक जीवन में सात बार लोकसभा सांसद रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री, रक्षा राज्य मंत्री और राज्यपाल जैसे बड़े-बड़े पदों को भी संभाला। ऐसे में इस बात को देखते को ये कहना गलत नहीं होगा कि राजनीति की दुनिया में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। आइए जानते है कैसे एक साधारण परिवार में जन्में पाटिल ने भारत की राजनीति में अपना नाम इतना ऊंचा कर लिया?
बता दें कि शिवराज पाटिल का जन्म 12 अक्तूबर 1935 को महाराष्ट्र के लातूर जिले के चाकूर गांव में हुआ था। सरल और मेहनती परिवार के रहने वाले शिवराज पाटिल ने अपने जीनव की शुरुआत शिक्षा और कानून की पढ़ाई से की। इसके बाद धीरे‑धीरे उन्होंने राजनीति में कदम रखा। कदम भी वैसा कि जब भी भारत की राजनीति में मर्यादित भाव और आचरण का जिक्र होगा, शिवराज पाटिल का नाम सर्वप्रथम लिया जाएगा।


