फ्रांस चुनाव 2022: इमैनुएल दोबारा राष्ट्रपति निर्वाचित, मैरिन ली ने स्वाकारी हार

पेरिस: फ्रांस चुनाव में हिजाब, मुस्लिम प्रवासियों को शरण देने, बढ़ती महंगाई और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दे काफी हावी रहे। वहीं मीडिया खबरों के मुताबिक इमैनुएल मैक्रों ने ली पेन से 16 फीसदी ज्यादा वोट हासिल किए हैं। आधिकारिक रूप से चुनाव में मैक्रों की जीत की घोषणा होते ही वह पिछले 20 साल में लगातार दूसरा कार्यकाल हासिल करने वाले पहले फ्रांसीसी राष्ट्रपति बन जाएंगे।

इमैनुएल मैक्रों लगातार दूसरी बार फ्रांस के राष्ट्रपति के लिए निर्वाचित हो गए हैं। राष्ट्रपति चुनाव के अंतिम मतदान में उन्होंने धुर दक्षिणपंथी मरीन ले पेन को मात दी। रविवार को वोटों के आरंभिक अनुमानों में मैक्रों को 58.8 फीसदी वोट मिले, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी मरीन ले पेन केवल 41.2 प्रतिशत वोट हासिल कर सकीं।

समर्थकों में उत्साह की लहरचैंप डी मार्स पार्क के बाहर लगे विशाल स्क्रीन पर मैक्रों की जीत की खबर आते ही उनके समर्थकों में उत्साह की लहर दौड़ गई। इन समर्थकों ने जहां एक दूसरे को गले लगाकर और मैक्रों के नाम के नारे लगाकर खुशी जताई, वहीं ले पेन समर्थकों में निराशा छा गई और उन्होंने हूटिंग शुरू कर दी।पिछले दो दशक में दूसरी बार चुनाव जीतने वाले मैक्रों पहले फ्रांसीसी राष्ट्रपति हैं। हालांकि दूसरी बार यह पद संभालने वाले वह देश के तीसरे राष्ट्रपति होंगे। उनसे पहले सिर्फ दो फ्रांसीसी राष्ट्रपति लगातार दूसरा कार्यकाल हासिल कर पाए थे। इमैनुएल मैक्रों की पत्नी ब्रिगिट मैक्रों ने जताई खुशी इमैनुएल मैक्रों की पत्नी ब्रिगिट मैक्रों ने कहा कि फ्रांस दुनिया का सबसे खूबसूरत देश है। मैं एक अपार भावना को महसूस करती हूं – और इतना बड़ा सम्मान जिसके योग्य होने की मैं केवल आशा कर सकती हूं। मुझे अपने पति पर पूरा भरोसा है। उनके पास देश के लिए एक विजन है और वह इसे काम करेंगे।

मैक्रों ने समर्थकों को किया धन्यवाद
राष्ट्रपति का दूसरा कार्यकाल जीतने के बाद इमैनुएल मैक्रों ने एफिल टॉवर ग्राउंड में समर्थकों को संबोधित किया। उन्होंने अपने समर्थकों का धन्यवाद दिया। उन्होंनें कहा कि धन्यवाद प्यारे दोस्तों, सबसे पहले धन्यवाद। आप सभी ने अगले पांच वर्षों के लिए मुझ पर अपना विश्वास जताया। मुझे पता है कि मैं आपका ऋणी हूं।

मैक्रों बोले- मैं एक निष्पक्ष समाज चाहता हूं
मैक्रों बोले मैं एक निष्पक्ष समाज चाहता हूं, महिलाओं और पुरुषों के बीच समानता हो। आने वाले वर्ष निश्चित रूप से कठिन होंगे, लेकिन वे ऐतिहासिक होंगे और हमें  नई पीढ़ियों के लिए एक साथ मिलकर काम करना होगा।

समर्थकों के बीच पहुंचे मैक्रों
इतिहास रचने के बाद इमैनुएल मैक्रों अपनी पत्नी ब्रिगिट और अपने बच्चों के साथ एफिल टॉवर के पास चैंप डे मार्स पर सजे मंच पर पहुंचे। उन्होंने राष्ट्रगान भी गाया। मैक्रों पांच साल पहले भी यहां लोगों को संबोधित किया था। 

ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन ने मैक्रों को दी शुभकामनाएं
पीएम जॉनसन ने कहा कि फ्रांस हमारे सबसे करीबी और सबसे महत्वपूर्ण सहयोगियों में से एक है। मैं उन मुद्दों पर मिलकर काम करना जारी रखने की आशा करता हूं जो हमारे दोनों देशों और दुनिया के लिए सबसे अधिक मायने रखते हैं।

फ्रांस में मरीन पेन ने राष्ट्रपति पद की दौड़ में हार स्वीकार कीफ्रांस की दक्षिणपंथी नेता मरीन ले पेन ने रविवार को राष्ट्रपति पद की दौड़ में हार स्वीकार कर ली और मौजूदा राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को विजयी मान लिया। पेन ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव में उनका अभूतपूर्व प्रदर्शन अपने आप में एक शानदार जीत को दर्शाता है। वहीं फ्रांस की विभिन्न मतदान एजेंसियां मैक्रों की जीत का अनुमान जता रही हैं।चुनाव में हावी रहे महंगाई, हिजाब जैसे मुद्देइस बार चुनाव में फ्रांस के मुद्दों के साथ रूस-यूक्रेन की जंग का असर भी देखने को मिला है। इसके साथ हिजाब, मुस्लिम प्रवासियों को शरण देने, बढ़ती महंगाई और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर मैक्रों और मेरिन जनता के बीच गए हैं।इमैनुएल मैक्रों: केवल पांच वर्षों में, मौजूदा राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों राजनीति में युवा नौसिखिया की छवि से हटकर एक प्रमुख वैश्विक नेता के रूप में खुद को स्थापित किया है, जो यूरोपीय संघ में महत्वपूर्ण निर्णय लेने लेते हैं। वह यूक्रेन में रूस द्वारा थोपे गए युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों में गहराई से जुड़े रहे हैं।मुखर 44 वर्षीय मध्यमार्गी मैक्रों अपनी निर्बाध कूटनीतिक सक्रियता के साथ न केवल अपना रास्ता बनाते हैं, बल्कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में अपनी जगह बनाई है। जनमत सर्वेक्षणों में कई फ्रांसीसी नागरिक राष्ट्रपति के तौर पर उनकी प्रशंसा करते हैं और उन्हें कोविड-19 महामारी और यूक्रेन संघर्ष जैसे प्रमुख वैश्विक संकटों का सामना करने के लिए पद के योग्य मानते हैं।राष्ट्रपति के तौर पर पहली बार किसी निर्वाचित पद पर आए थे, हालांकि वह अच्छे खानदान से हैं। मैक्रों ने फ्रांस के संभ्रांत स्कूल इकोले नेशनल डी’एडमिनिस्ट्रेशन में अध्ययन किया और एक वरिष्ठ सिविल सेवक थे, फिर कुछ वर्षों के लिए रोथ्सचाइल्ड में एक बैंकर के रूप में कार्य किए। उसके बाद वह समाजवादी राष्ट्रपति फ्रांसिस ओलांद के आर्थिक सलाहकार थे। वह 2014 से 2016 तक ओलांद की सरकार में अर्थव्यवस्था मंत्री नियुक्त किए जाने के बाद वह पर्दे के पीछे से काम करने वाले की भूमिका से निकलकर राजनीतिक परिदृश्य पर आए।

मैरीन ली पेन: धुर दक्षिणपंथी नेता मैरीन ली पेन फ्रांस के राष्ट्रपति पद की होड़ में तीसरी बार मैदान में उतरी। वह अपने पिता ज्यांन मैरी की तरह ही उत्साही और तेजतर्रार नेता हैं। उनके पिता ने भी पांच बार राष्ट्रपति पद के लिए अपनी किस्मत आजमाई थी।

इस बार के चुनाव में भी वह पिछड़ गईं, लेकिन इस बार बहुत ही कम अंतर से। उन्होंने अपनी पार्टी नेशनल फ्रंट का नाम बदलकर नेशनल रैली कर दिया था और अपने पिता को 2015 में बाहर का रास्ता दिखाया था। जब उनकी चर्चित भतीजी और पूर्व सांसद मेरिऑन मारेचल ने नेशनल रैली छोड़ दी तो ली पेन ने इसे सार्जनिक पारिवारिक विवाद बनाने से बचा लिया। मारेचल ने राष्ट्रपति पद के लिए पहले चरण के मतदान में ली पेन के धुर दक्षिणपंथी प्रतिद्वंद्वी एरिक जेमॉर का समर्थन किया है। ली पेन पेशे से वकील हैं।

editor

editor

Leave a Reply

Your email address will not be published.