विदेश मंत्री जयशंकर ने रवांडा में भारतीयों को सुनाई देश की विकास गाथा

विदेश मंत्री जयशंकर ने रवांडा में भारतीयों को सुनाई देश की विकास गाथा

किगाली (रवांडा)। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बृहस्पतिवार को रवांडा में बसे भारतीयों से मुलाकात की और उन्हें देश की विकास गाथा सुनाई। द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में उनके योगदान की सराहना भी की और इस पूर्वी अफ्रीकी देश की अपनी यात्रा के दौरान यहां समुदाय के सदस्यों के साथ बातचीत करते हुए भारत की प्रगति के बारे में बात की। उन्होंने रवांडा के विदेश मंत्री विन्सेंट बिरुटा के साथ शुक्रवार से शुरू होने वाले राष्ट्रमंडल शिखर सम्मेलन के एजेंडे पर चर्चा भी की।

जयशंकर राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्षों की 26वीं बैठक (चोगम) में भाग लेने के लिए चार दिवसीय यात्रा पर बुधवार को यहां पहुंचे। वह 24-25 जून को 54 देशों के ब्लॉक के शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रतिनिधित्व करेंगे। 

उन्होंने ट्वीट किया, मेरे मेजबान रवांडा के विदेश मंत्री विन्सेंट बिरुटा से मुलाकात कर दिन की शुरुआत की। द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2018 यात्रा के बाद हुई संबंधित प्रगति पर चर्चा की। राष्ट्रमंडल एजेंडे पर चर्चा की और रवांडा में सफल शिखर सम्मेलन की कामना की। क्षेत्रीय घटनाक्रम पर विचारों का आदान-प्रदान किया। 26वें चोगम शिखर सम्मेलन का विषय ‘एक साझा भविष्य प्रदान करना: जुड़ाव, सुधार, परिवर्तन’ है।

इससे पहले जयशंकर ने बुधवार को केन्या के विदेश मामलों के कैबिनेट सचिव रेशेल ओमामो से मुलाकात की। जयशंकर ने ट्वीट किया, केन्या के मेरे दोस्त रेशेल ओमामो से मिलकर बहुत अच्छा लगा। हमारी चर्चा खाद्य, ईंधन और उर्वरक सुरक्षा पर यूक्रेन संघर्ष के प्रभाव पर केंद्रित रही। उन्होंने लिखा, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में हमारे चल रहे सहयोग की पुन: पुष्टि की। जयशंकर ने बेलीज के विदेश मंत्री से भी मुलाकात की। 

उन्होंने ट्वीट किया, रवांडा में चोगम 2022 के दौरान बेलीज के विदेश मंत्री इमोन कर्टेन से मिलकर खुशी हुई। भारतीय मदद से निर्मित इंजीनियरिंग केंद्र को लेकर खुशी व्यक्त की। भारत महामारी के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में टीके उपलब्ध कराना जारी रखेगा। राष्ट्रमंडल शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों के नेता समकालीन प्रासंगिकता के मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे जिनमें जलवायु परिवर्तन, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य मुद्दों जैसी वैश्विक चुनौतियों और बाल देखभाल एवं सुरक्षा सुधार पर किगाली घोषणा समेत कई दस्तावेजों को अपनाए जाने की संभावना है।

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