विधान सभा में राज्यपाल आनंदीबेन का अभिभाषण शुरू होते ही समाजवादी पार्टी के सदस्य सरकार विरोधी नारेबाजी तथा हंगामा करने लगे

विधान सभा में राज्यपाल आनंदीबेन का अभिभाषण शुरू होते ही समाजवादी पार्टी के सदस्य सरकार विरोधी नारेबाजी तथा हंगामा करने लगे

उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र के पहले ही दिन विधानसभा के मंडप में समवेत सदन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का अभिभाषण शुरू होते ही हंगामा होने लगा। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की मौजूदगी में समाजवादी पार्टी के विधायक तथा विधान परिषद सदस्य हाथों में सरकार के विरोध में नारे लिखकर हंगामा करने लगे। इस दौरान भी राज्यपाल ने अपना भाषण जारी रखा है।

विधान सभा मंडप में समवेत सदन में राज्यपाल आनंदीबेन का अभिभाषण शुरू होते ही समाजवादी पार्टी के सदस्य हाथों में सरकार विरोधी नारे लिखी तख्तियां लेकर नारेबाजी तथा हंगामा करने लगे। यह लोग वेल में आ गए और नारा लगाने लगे। राज्यपाल वापस जाओ के नारे लगने के बीच में भी राज्यपाल आनंदीबेन का भाषण जारी है। नेता विरोधी दल अखिलेश यादव भी खड़े होकर अपनी पार्टी के विधायकों का हंगामा देख रहे थे। सदन में समाजवादी पार्टी के साथ ही राष्ट्रीय लोकदल के विधायक भी काफी हंगामा कर रहे हैं। सदन में यह लोग अभिभाषण के दौरान राज्यपाल वापस जाओ के नारे लगा रहे हैं। सपा तथा आरएलडी विधायक वेल में प्रदर्शन कर रहे हैं। यह सभी महंगाई, कानून व्यवस्था भ्रष्टाचार पर सरकार को घेर रहे हैं। इनका विरोध सदन के अंदर से लेकर बाहर तक चल रहा है।

हंगामे के बीच में समाजवादी पार्टी के विधायक शिवपाल सिंह यादव तथा अब्दुल्ला आजम खां अपनी सीट पर ही बैठे रहे। यह दोनों अपनी-अपनी सीटों पर चुपचाप बैठे सदन का नजारा देख रहे थे। सदन में समाजवादी पार्टी के अन्य सदस्यों से इतर दोनों ने लाल टोपी नहीं पहनी थी।

समाजवादी पार्टी के नेताओं ने तो विधान भवन क गैलरी से ही हंगामा शुरू कर दिया था। यह लोग महंगाई तथा बेरोजगारी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। इनके प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी शामिल हो गए। सपा विधायकों के हाथ में महंगाई के खिलाफ पोस्टर हैं जबकि यह लोग सदन में बैनर भी लेकर पहुंचे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी सदन में मौजूद हैं। उनके साथ संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना तथा विधान परिषद में पार्टी के नेता स्वतंत्र देव सिंह भी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश में नई सरकार गठन के बाद पहला सत्र है। मैं सभी निर्वाचित सदस्यों का स्वागत करता हूं। बजट सत्र राज्यपाल के अभिभाषण से सत्र शुरू होगा। हमको भरोसा है कि प्रदेश के विकास के लिए हमको राज्यपाल का मार्गदर्शन मिलेगा। सदन में 25 करोड़ लोगों के विकास की बात होगी। प्रदेश की जनता के हितों की बात होगी। प्रदेश की जनता के हित के लिए हम किसी भी प्रकार की चर्चा के लिए तैयार हैं।

उत्तर प्रदेश की 18वीं विधानसभा के सदस्य विधानमंडल के बजट सत्र में पहली बार नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन के तहत संचालित हो रही कार्यवाही का हिस्सा बनेंगे। इनको इसका दो दिन तक प्रशिक्षण भी दिया गया है। वर्ष 2022 के साथ ही आज से अठारहवीं विधान सभा का भी पहला सत्र होगा। सत्र में राज्य सरकार वित्तीय वर्ष 2022-23 का बजट पारित कराएगी। 

26 मई को सरकार दोनों सदनों में वित्तीय वर्ष 2022-23 का बजट पेश करेगी। योगी आदित्यनाथ सरकार के दूसरे कार्यकाल का यह पहला बजट होगा। 26 मई को सदन में प्रदेश के वित्तमंत्री सुरेश कुमार खन्ना चालू वित्तीय वर्ष 2022-23 का पूर्ण बजट प्रस्तुत करेंगे। वित्त विभाग बजट को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है। अधिकांश विभागों ने अपने जरूरी विभागीय खर्चों के अलावा प्रदेश सरकार के संकल्प पत्र में शामिल विभाग से जुड़ी घोषणाओं के लिए भी बजट मांगा है। किसानों को सिंचाई के लिए बिजली मुफ्त दिए जाने का संकल्प इसी बजट के माध्यम से सरकार पूरी कर सकती है। बजट का आकार 6.5 लाख करोड़ के करीब होने का अनुमान है। यह अब तक का सबसे बड़ा बजट होगा। बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर खास फोकस दिख सकता है। प्रदेश की भाजपा सरकार अपने दूसरे कार्यकाल के इस पहले बजट में चुनाव के दौरान जनता के सामने प्रस्तुत किए गए ‘संकल्प पत्र’ के कुछ महत्वपूर्ण संकल्पों को पूरा करती हुई दिख सकती है। किसानों, युवाओं, महिलाओं के लिए बजट में बहुत कुछ होने की उम्मीद की जा रही है। विकास से जुड़ी बड़ी परियोजनाओं को भी बजट के माध्यम से भरपूर धनराशि दिए जाने की उम्मीद है।

विधानमंडल के पिछले सत्र के बाद लाये गए चार अध्यादेशों के प्रतिस्थानी विधेयकों को भी सरकार बजट सत्र में पारित कराएगी। इनमें भातखंडे राज्य संस्कृति विश्वविद्यालय अध्यादेश, 2022, उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (संशोधन) अध्यादेश, 2022, उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास (संशोधन) अध्यादेश, 2022 और उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) अध्यादेश, 2022 शामिल हैं।

योगी आदित्यनाथ सरकार के पहले व दूसरे कार्यकाल में यह पहला मौका है जब विधान सभा के साथ विधान परिषद में भी सत्ता पक्ष का बहुमत है। विधान सभा में सत्ता पक्ष के बहुमत के बावजूद विपक्ष का संख्याबल बढ़ा है। इसके बाद भी विपक्ष, खासतौर पर समाजवादी पार्टी और उसके सहयोगी दल महंगाई, बिजली कटौती, राशन वितरण, बेरोजगारी, कानून व्यवस्था और किसानों की समस्याओं जैसे मुद्दे पर सरकार को घेरने की भरपूर कोशिश करेंगे। इस लिहाज से विधानमंडल सत्र हंगामाखेज होने के आसार हैं।

विधान भवन के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम : विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान आज से विधान भवन के आसपास सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम हैं। विधान भवन तथा पास के क्षेत्र में बड़ी संख्या में फोर्स तैनात की गई है। इसके साथ ही आज से कार्यवाही के दौरान विधान भवन के सामने वाला रूट भी डायवर्ट किया गया है। पुलिस महानिदेशक डीएस चौहान ने विधान भवन तथा पास के क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को परखा है। उन्होंने सभी जगह का निरीक्षण किया। उनके साथ एडीजी ला एंड आर्डर प्रशांत कुमार तथा पुलिस कमिश्नर लखनऊ डीके ठाकुर ने विधान भवन तथा पास के क्षेत्र में पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। डीजीपी चौहान ने पुलिस अधिकारियों को बेहद चुस्त रहने के निर्देश भी दिए हैं।

सत्र के दौरान विधान सभा की कार्यवाही के सुचारु संचालन के उद्देश्य से रविवार को विधान भवन में सर्वदलीय बैठक हुई। बैठक में विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना ने ने सदन की कार्यवाही के संचालन में सभी दलों से सहयोग मांगा। नए विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सदन की कार्यवाही निर्बाध तरीके से संचालित होगी तो अधिक से अधिक सदस्यों, खासतौर पर नए सदस्यों को अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस नए सत्र में ई-विधान लागू किए जाने से विधान सभा में नवाचार हुआ है।

इस बार विधानसभा सत्र की कार्यवाही का सजीव प्रसारण डीडी न्यूज के साथ-साथ यू-ट्यूब पर भी किया जाएगा। बैठक में मुख्यमंत्री तथा नेता सदन योगी आदित्यनाथ ने सत्र के सुचारु संचालन में सत्ता पक्ष के पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि सदन की उच्च गरिमा और मर्यादा को बनाए रखते हुए गंभीर चर्चा को आगे बढ़ाने से लोकतंत्र के प्रति आमजन की आस्था बढ़ती है।

संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि सभी दलों ने सदन की कार्यवाही के निर्बाध संचालन में सहयोग का आश्वासन दिया है। बैठक में सपा विधानमंडल दल के उप नेता इन्द्रजीत सरोज, अपना दल (सोनेलाल) के राम निवास वर्मा, राष्ट्रीय लोकदल के राजपाल बालियान, निषाद पार्टी के अनिल कुमार त्रिपाठी, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के जगदीश नारायण, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की आराधना मिश्रा, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के रघुराज प्रताप सिंह और बहुजन समाज पार्टी के उमाशंकर सिंह शामिल हुए।

शनिवार को भी होगी विधान सभा की बैठक : विधान सभा अध्यक्ष की अध्यक्षता में इससे पहले सदन की कार्यमंत्रणा समिति की बैठक हुई। इस बैठक में तय हुआ कि विधान सभा की बैठक 28 मई यानी शनिवार को भी होगी। विधान सभा सचिवालय ने सदन का 31 मई तक का कार्यक्रम जारी कर दिया है।

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