हिमाचल में तीन बच्चों सहित 18 की मौत, उत्तराखंड में चार ने गंवाई जान, कई लोग लापता ~

हिमाचल में तीन बच्चों सहित 18 की मौत, उत्तराखंड में चार ने गंवाई जान, कई लोग लापता

हिमाचल में तीन बच्चों सहित 18 की मौत, उत्तराखंड में चार ने गंवाई जान, कई लोग लापता

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश ने तबाही मचा रखी है। अब तक हिमाचल में तीन बच्चों सहित 18 की मौत हो चुकी है। उत्तराखंड में चार लोगों ने जान गंवाई  है। दोनों राज्यों के कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। हर तरफ तबाही का मंजर दिखाई दे रहा है। उत्तराखंड में देहरादून के पास मालदेवता सरखेत, टिहरी और यमकेश्वर इलाके में बादल फटने से भारी तबाही मची है। हिमाचल प्रदेश में भी मंडी और चंबा जिले में बादल फटा है। बादल फटने से कई लोग दब गए हैं। एक बच्ची का शव मिला है जबकि 15 से 20 लोग बह गए हैं। कई गाड़ियां बह गई हैं। चंबा में भूस्खलन से मां बेटे सहित तीन से चार लोग मलबे के नीचे दब गए। जिससे तीन की मौत हो गई। कांगड़ा जिले में भारी बरसात होने के कारण रेलवे चक्की पुल रात को बह गया। वहीं, भारी बारिश को देखते हुए चंबा, मंडी के बाद कांगड़ा और कुल्लू जिले में भी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आज और कल दो दिन भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। यूपी में भी गंगा और यमुना नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। यूपी के कई शहरों बाढ़ के हालात पैदा हो गए हैं।

मंडी जिला के बागी में बादल फटा, बच्ची का शव मिलाहिमाचल प्रदेश के मंडी जिला में मूसलाधार बारिश ने तबाही मचाई है। जिला के मंडी-कटौला-पराशर मार्ग पर बागी नाला में बादल फटने से आई बाढ़ ने भारी कहर बरपाया है। यहां बाढ़ की चपेट में आने से एक पूरा परिवार लापता हो गया है। राहत और बचाव कार्य में लगे लोगों को एक बच्ची का शव मिला है, जबकि अन्य 5 लोग लापता हैं। बादल फटने के बाद रात बागी से पुराने कटौला तक दर्जनों परिवारों ने अपने घर छोड़ कर सुरक्षित जगहों पर रात बिताई है। बागी नाले पर बनाया पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृह कस्बे थुनाग बाजार में भी नाले की बाढ़ ने दर्जनों दुकानों और वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया है। थुनाग बाजार में भी भारी तबाही हुई है।

मंडी-पठानकोट हाईवे भूस्खलन की वजह से बंद
मंडी-पठानकोट नेशनल हाईवे जगह-जगह पर भूस्खलन से बंद हो गया है। सैकड़ों यात्री भूखे प्यासे जाम में फंसे हैं। कोटरोपी के पास पहाड़ी दरकने से NH की सड़क का नामोनिशां मिट गया है। कोटरोपी में इस बार जोगेंद्रनगर की तरफ को नाले के ऊपर की पहाड़ी ने कहर मचाया है। यहां स्थानीय ग्रामीणों की उपजाऊ जमीन और दर्जनों पेड़ मलबे में समा गए हैं। जानमाल का कोई नुकसान नही है। पहाड़ी का सारा मलबा नीचे आने से सास्ती गांव में अफरातफरी मच गई है। उपमंडल के सभी राजमार्ग बंद हैं। 

चंबा में मलबा में दबने से दंपती और बेटे की मौतवहीं, चंबा जिले में भारी बारिश से दीवार तोड़ मकान में टनों मलबा घुस गया। जिससे तीन लोग लापता हो गए। ग्रामीण और प्रशासनिक टीमें लापता पति, पत्नी और बेटे के शव बरामद कर लिए हैं। भटियात क्षेत्र की बनेट पंचायत के जुलाडा वार्ड नंबर एक में बारिश ने तबाही मचाई है। देर रात दो बजे की घटना बताई जा रही है। मलबे में दबे पति-पत्नी और बेटे के शवों को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल चुवाड़ी भेज दिया गया है। डीएसपी विशाल वर्मा ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे।

उधर, कांगड़ा जिला में आज स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। ऑनलाइन कक्षाएं चलेंगी। लगातार बारिश को देखते हुए पूरे कुल्लू जिले में आंगनबाडी केंद्रों समेत सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने दिया है।

देहरादून में कई जगह बादल फटा
उधर, उत्तराखंड के कई जिलों में तड़के हुई बारिश भारी तबाही लेकर आई। देहरादून के पास मालदेवता सरखेत, टिहरी और यमकेश्वर इलाके में  बादल फटने से भारी तबाही मची है। जिलाधिकारी सोनिका के मुताबिक आपदा में पांच लोग लापता बताए जा रहे हैं। जबकि तीन ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं कीर्तिनगर क्षेत्र में सुबह 7 बजे ग्राम कोठार में 14-15 कमरों का आवासीय भवन भूस्खलन होने से मलबे में दब गया है। जिससे  80 वर्षीय बचनी देवी दब गई है। आपदा में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए एनडीआरएफ,  एसडीआरएफ और आपदा प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंच गई है । आपदा में लापता लोगों की खोजबीन को लेकर एनडीआरएफ और एसटीएफ के लगातार अभियान चला रहे हैं। मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली है।

यमुनोत्री हाईवे धरासू बैंड सहित जगह-जगह मलबा बोल्डर आने से बंद 
यमुनोत्री धाम सहित यमुना घाटी में रातभर बारिश के चलते यमुनोत्री हाईवे धरासू बैंड सहित जगह-जगह मलबा बोल्डर आने से बंद हो गया है। लगातार बारिश के कारण हाईवे खोलने में दिक्कत हो रही है रातभर बारिश के कारण यमुना नदी के साथ ही सहायक नदी नाले उफान पर  आ गए हैं। बड़कोट, बनाल, ठकराल पट्टी के करीब 45 गांवों की लाइफ लाइन बड़कोट तिलाडी सड़क धंसने से आवाजाही बाधित हो गई है। ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे तीन धारा के पास भी बड़ा पत्थर आने से बंद हो गया है। इसके अतिरिक्त बचेली खाल रोली धार और दो जगह तोता घाटी पर मार्ग बंद है। नरेंद्रनगर के समीप भी ऋषिकेश गंगोत्री हाईवे यातायात के लिए बाधित हो गया है। चट्टान से हुए भूस्खलन से हाईवे पर भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर गिर रहे हैं।

बनारस में गंगा का रौद्र रूप
वहीं, भोलेनाथ की नगरी वाराणसी में भी गंगा नदी रौद्र रूप दिखा रही हैं। हालत यह हो गई है कि गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर से एक मीटर नीचे बह रहा है। जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण वरुणा में पलट प्रवाह शुरू हो गया है। बाढ़ की आशंका में वरुणा पार इलाकों में शुक्रवार को लोग पलायन करते दिखे। इधर, शवदाह में परेशानियां शुरू हो गई हैं। हरिश्चंद्र घाट पर जहां गलियों में शवदाह हो रहा है वहीं मणिकर्णिका घाट पर छतों पर शवदाह किया जा रहा है। गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए क्रूज संचालन पर 21 अगस्त तक रोक लगा दी गई है। 22 अगस्त को जलस्तर और स्थिति का अध्ययन करने के बाद संचालन पर फैसला किया जाएगा। 

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