उत्तराखण्ड

राज्य स्थापना दिवस: राज्यपाल ने प्रदेशवासियों को दी बधाई, कहा- 26 वर्षों में विकास के नए आयाम स्थापित हुए

देहरादून। उत्तराखंड के राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों और देश-विदेश में रह रहे प्रवासी उत्तराखंडवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। राज्य स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर लोक भवन से जारी अपने संदेश में उन्होंने कहा कि 9 नवंबर 2000 उत्तराखंड के इतिहास का गौरवपूर्ण दिन है। यह दिन वर्षों के संघर्ष, अटूट संकल्प और अपने सपनों का राज्य बनाने की दृढ़ आकांक्षा का प्रतीक है।

राज्यपाल ने उत्तराखंड राज्य निर्माण के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही राज्य आंदोलनकारियों, मातृशक्ति और राज्य निर्माण में योगदान देने वाले सभी लोगों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि राज्य स्थापना के 26 वर्षों में उत्तराखंड ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। राज्य स्थापना दिवस अब तक की उपलब्धियों पर गर्व करने के साथ ही भविष्य की नई संभावनाओं और लक्ष्यों के प्रति संकल्पबद्ध होने का अवसर भी है।

विकास और सुशासन में उत्तराखंड ने बनाई पहचान
कहा कि नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य सूचकांक में उत्तराखंड का संयुक्त रूप से देश में प्रथम स्थान प्राप्त करना राज्य की विकास यात्रा की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। बढ़ती आर्थिक गतिविधियां, आधारभूत सुविधाओं का विस्तार और आजीविका के नए अवसर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बना रहे हैं। सरकार और समाज का लक्ष्य इन उपलब्धियों का लाभ प्रत्येक वर्ग और प्रदेश के हर क्षेत्र तक पहुंचाना होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण को मजबूत करने के साथ युवाओं एवं महिलाओं के लिए नए अवसर विकसित हो रहे हैं। पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति के अवसर मिल रहे हैं। वहीं, समान नागरिक संहिता लागू कर उत्तराखंड ने समानता, समान अधिकारों और न्याय के मूल्यों को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है।

स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर जोर
राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों तक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार और आपातकालीन परिस्थितियों में एयर एंबुलेंस जैसी सेवाओं की उपलब्धता गंभीर रोगियों को समय पर उपचार दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, जनस्वास्थ्य और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना भी प्राथमिकताओं में शामिल है।

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