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यूपी में प्रशासनिक फेरबदल, पीलीभीत और फतेहपुर एसडीएम समेत 11 पीसीएस अफसरों के ट्रांसफर

लखनऊ । यूपी में योगी सरकार ने शुक्रवार को प्रशासनिक फेरबदल किया है।  पीलीभीत और फतेहपुर के एसडीएम समेत 11 पीसीएस अफसरों के तबादले किए गए हैं।

यूपी में योगी सरकार ने शुक्रवार को पीलीभीत और फतेहपुर एसडीएम 11 पीसीएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। राज बहादुर एसडीएम हाथरस से एडीएम (न्यायिक) बुलंदशहर और संजय कुमार यादव एसडीएम लखनऊ से अपर नगर आयुक्त नगर निगम लखनऊ बनाए गए हैं।

दुर्गेश यादव एसडीएम फतेहपुर से विशेष कार्याधिकारी राहत आयुक्त कार्यालय, शशि कुमार विशेष कार्याधिकारी राहत आयुक्त कार्यालय से एसडीएम फतेहपुर, सुशील कुमार सिंह, एसडीएम मथुरा से एसडीएम फतेहपुर बनाए गए हैं। हेमंत कुमार चौधरी एसडीएम पीलीभीत से विशेष कार्याधिकारी उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, मांधाता प्रताप सिंह विशेष कार्याधिकारी उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से एसडीएम पीलीभीत बनाए गए हैं।

अजय कुमार एसडीएम पीलीभीत बनाए गए

मयंक गोस्वामी एसडीएम पीलीभीत से बंदोबस्त अधिकारी (चकबंदी) मुख्यालय लखनऊ, अजय कुमार बंदोबस्त अधिकारी (चकबंदी) मुख्यालय लखनऊ से एसडीएम पीलीभीत, अमित कुमार द्वितीय प्रधान प्रबंधक उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ से एडीएम (प्रशासन) रायबरेली और अशोक कुमार गुप्ता स्थानांतरणाधीन एडीएम (प्रशासन) रायबरेली से प्रधान प्रबंधक उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ बनाए गए हैं।

औरैया में सीडीओ रहे संत कुमार के खिलाफ होगी कार्रवाई

वहीं औरैया में मुख्य विकास अधिकारी के पद पर रहने के दौरान तमाम तरह की गड़बड़ियां करने के आरोप में संत कुमार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी है। संयुक्त आयुक्त प्रशासन ग्राम्य विकास विभाग जंग बहादुर यादव ने इस संबंध में शुक्रवार को औरैया के डीएम से पूरी जानकारी मांगी है। आयुक्त मुख्यालय की ओर से भेजे गए पत्र के अनुसार 3 जून 2026 को उनके खिलाफ कार्रवाई किए जाने का अनुरोध किया गया। संत कुमार तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी औरैया के पद से 30 अप्रैल 2026 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए मिले पत्र में वित्तीय नुकसान का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है।

चूंकि सीएसआर के अनुच्छेद 151-ए में यह व्यवस्था है कि दोषी अधिकारी पर गंभीर गड़बड़ी के आरोप हो तभी पेंशन से कटौती की जा सकती है। शासन ने कार्रवाई के लिए स्पष्ट आख्या उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इसलिए संत कुमार की पेंशन से कटौती के लिए पूरे विवरण के साथ स्पष्ट प्रस्ताव उपलब्ध कराया जाए, जिससे उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। संत कुमार पर औरैया में मुख्य विकास अधिकारी के पद पर रहते हुए भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे।

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