बदरीनाथ धाम की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी, ठंड बढ़ी

मनमोहक नजारे देख खिले श्रद्धालुओं के चेहरे
देहरादून। उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट बदल ली है। गुरुवार सुबह बदरीनाथ धाम की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी होने से क्षेत्र में ठंड बढ़ गई है। नर-नारायण पर्वत की चोटियां बर्फ की सफेद चादर से ढक गई हैं, जिससे धाम का प्राकृतिक सौंदर्य और भी निखर उठा है। बर्फ से ढकी पर्वत शृंखलाओं को देखकर बदरीनाथ धाम पहुंचे श्रद्धालु खासे उत्साहित नजर आए।
मौसम में आए बदलाव का असर चमोली जनपद के साथ प्रदेश के अन्य इलाकों में भी देखने को मिला। राजधानी देहरादून में सुबह से बारिश होने की खबर है। बारिश और सर्द हवाओं के चलते तापमान में गिरावट महसूस की गई। वहीं, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के बाद ठंड का असर बढ़ने लगा है।
नर-नारायण पर्वत पर बर्फबारी बनी आकर्षण का केंद्र
भगवान बदरी विशाल के दर्शन के लिए देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु बदरीनाथ धाम पहुंच रहे हैं। गुरुवार सुबह नर-नारायण पर्वत की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी का मनमोहक दृश्य देखने को मिला। बर्फ से ढकी पर्वत शृंखलाओं ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। श्रद्धालु मंदिर में दर्शन-पूजन के साथ ही प्रकृति के इस खूबसूरत नजारे का आनंद लेते नजर आए।
16 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद होंगे कपाट
बदरीनाथ धाम के कपाट 16 नवंबर को रात 9 बजकर 37 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। कपाट बंद होने की तिथि नजदीक आने के बावजूद धाम में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है। तीर्थयात्री भगवान बदरी विशाल के दर्शन कर पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन में शामिल हो रहे हैं। चारधाम यात्रा के अंतिम चरण में भी श्रद्धालुओं की आस्था बनी हुई है।
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और मौसम में तेजी से हो रहे बदलाव के कारण ठंड बढ़ गई है। ऐसे में बदरीनाथ धाम की यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को गर्म कपड़े साथ रखने की सलाह दी गई है। यात्रियों को यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेनी चाहिए तथा प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए। पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम के अचानक बदलने की संभावना को देखते हुए सावधानी बरतना जरूरी है।


