खेल मंत्रालय की उच्चस्तरीय समिति में पूर्व आईएएस चन्द्रशेखर भट्ट को मिली जिम्मेदारी

खेल मंत्रालय की उच्चस्तरीय समिति में को मिली जिम्मेदारी
हरिद्वार (चंद्रशेखर जोशी)। उत्तराखण्ड के पूर्व राज्य निर्वाचन आयुक्त एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी चन्द्रशेखर भट्ट को भारत सरकार के खेल मंत्रालय की ओर से गठित 20 सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति में सदस्य नामित किया गया है। समिति को विभिन्न खेल फेडरेशनों और ओलंपिक संघों की मॉनिटरिंग करने तथा नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट-2025 के तहत संवैधानिक संरचनाओं के गठन एवं उनके क्रियान्वयन में आने वाली कठिनाइयों के समाधान की जिम्मेदारी दी गई है। समिति में देश के पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्तों सहित विभिन्न राज्यों के पूर्व राज्य निर्वाचन आयुक्तों को शामिल किया गया है।
उत्तराखण्ड से पूर्व राज्य निर्वाचन आयुक्त हरीश चन्द्र जोशी और चन्द्रशेखर भट्ट को समिति का सदस्य नामित किया गया है। इस जिम्मेदारी को उत्तराखण्ड के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। समिति खेल संस्थाओं में निर्धारित संवैधानिक व्यवस्थाओं के अनुपालन और उनके प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े विषयों की निगरानी करेगी।
चन्द्रशेखर भट्ट ने अपने प्रशासनिक सेवाकाल में उत्तराखण्ड में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर दायित्वों का निर्वहन किया है। हरिद्वार में अपर जिलाधिकारी के रूप में सेवाएं देने के साथ ही उन्होंने उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग की स्थापना के समय महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और आयोग के प्रथम परीक्षा नियंत्रक तथा बाद में सचिव के पद पर भी कार्य किया। वह कुंभ मेला-2010 में अपर मेलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, कार्मिक सचिव, पौड़ी गढ़वाल के जिलाधिकारी तथा आयुक्त जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी रहे। चन्द्रशेखर भट्ट ने लगभग छह वर्ष तक राज्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली। इस दौरान प्रदेश में नगर निकाय एवं जिला पंचायत चुनावों के संचालन में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अब खेल मंत्रालय की उच्चस्तरीय समिति में सदस्य के रूप में नई जिम्मेदारी मिलने पर विभिन्न क्षेत्रों से उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी जा रही हैं।
चन्द्रशेखर भट्ट को पूर्व कुलपति उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय प्रो. (डॉ.) सुनील जोशी, कुलपति प्रो. (डॉ.) अरुण त्रिपाठी, इंडियन रेडक्रास उत्तराखण्ड के चेयरमैन डॉ. नरेश चौधरी, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. संजय शाह, डॉ. विपिन प्रेमी, स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय के चांसलर डॉ. प्रदीप भारद्वाज तथा प्रधानाचार्य डॉ. जी.एस. इन्दौरिया ने बधाई दी।


