प्रेम विवाह में गर्भवती युवती ने नहर में कूदकर दी जान

आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में पति गिरफ्तार
हरिद्वार (चंद्रशेखर जोशी)। आंखों में नई जिंदगी के सपने थे, लेकिन हालात ऐसे बने कि वही जिंदगी बोझ लगने लगी। परिवार की मर्जी के खिलाफ चुपचाप कोर्ट मैरिज करने वाली 20 वर्षीय सुहानी कथित मानसिक प्रताड़ना और धमकियों से इस कदर टूट गई कि उसने नहर में छलांग लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। अब इस दर्दनाक मामले में पुलिस ने उसके पति अजय को गिरफ्तार किया है।
रामधाम कॉलोनी निवासी सुहानी 26 जुलाई को अचानक लापता हो गई थी। परिजनों ने कोतवाली रानीपुर पहुंचकर उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। अगले ही दिन तलाश के दौरान पुलिस को पथरी पावर हाउस स्थित बैराज में उसका शव मिला। एक बेटी की मौत ने परिवार को झकझोर कर रख दिया।
पोस्टमार्टम के बाद परिजनों से मिली जानकारी ने मामले को नया मोड़ दे दिया। पता चला कि सुहानी ने परिवार को बताए बिना 25 जून को अजय से कोर्ट मैरिज की थी। शादी के बाद वह मायके आ गई थी। इसी बीच वह गर्भवती हो गई। आरोप है कि इसके बाद पति अजय उस पर अपनी मर्जी के मुताबिक काम करने का दबाव बनाने लगा। इतना ही नहीं, वह कथित तौर पर सुहानी को धमकाता था कि उसकी गर्भावस्था की बात मोहल्ले में सबको बता देगा। परिवार के मुताबिक, इन धमकियों और मानसिक दबाव ने सुहानी को भीतर से तोड़ दिया। बताया गया कि घटना से पहले सुहानी अपनी गर्भावस्था की बात सार्वजनिक होने और बदनामी की आशंका को लेकर बेहद परेशान थी। इसी मानसिक तनाव के बीच 25 जुलाई को उसने बहादराबाद में लाल पुल के पास नहर में छलांग लगा दी।
एक गुमशुदगी से शुरू हुई कहानी ने आत्महत्या के मुकदमे का रूप ले लिया। परिजनों के आरोप और पुलिस जांच के आधार पर 13 अगस्त को गुमशुदगी के मामले को मुकदमा को धारा 108 बीएनएस के तहत तरमीम किया गया। विवेचना के दौरान पुलिस ने नामजद आरोपी पति अजय को 7 सितंबर को पूछताछ के बाद हिरासत में लिया। मंगलवार को उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। मामले में नामजद अन्य आरोपियों की भूमिका की भी पुलिस जांच कर रही है। आरोपी अजय पुत्र राजपाल निवासी ब्रह्मपुरी रावली महदूद रानीपुर हरिद्वार को जेल भेज दिया। कार्रवाई टीम में निरीक्षक मनोहर सिंह भण्डारी, उपनिरीक्षक चरण सिंह चौहान (चौकी प्रभारी गैस प्लांट), कांस्टेबल करम सिंह एवं कांस्टेबल गम्भीर तोमर शामिल हैं।



