प्रेम से मौत तक का सफर : ट्रक में जिंदा जल गया बलविंदर, रिश्ते से पीछा छुड़ाने की साजिश

पीलीभीत (चंद्रशेखर जोशी)। तीन साल पुराने प्रेम संबंध का अंत इतना खौफनाक होगा शायद बलविंदर सिंह ने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा। जिस रिश्ते पर उसने भरोसा किया वही रिश्ता उसकी मौत की वजह बन गया। पूरनपुर में ट्रक के भीतर जिंदा जलकर हुई बलविंदर की मौत को पहले सड़क हादसा माना गया। भाई के शक और पुलिस की गहन पड़ताल ने मामले की ऐसी परतें खोलीं, जिसने हर किसी को झकझोर दिया।
10 जुलाई की सुबह बलविंदर सिंह फोम समेत अन्य सामान लेकर ट्रक से नेपाल के लिए रवाना हुआ था। रात में पूरनपुर क्षेत्र में बड़ी नहर के पास उसके ट्रक में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरे ट्रक को अपनी चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक हादसे में बलविंदर की मौत हो गई। शुरुआत में इसे सड़क हादसा मानकर जांच की गई, लेकिन मृतक के भाई गुरमीत सिंह को घटना सामान्य नहीं लगी। उन्होंने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया।
पुलिस ने जब बलविंदर के मोबाइल की कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल की तो एक संदिग्ध नंबर सामने आया। जांच की कड़ी रुद्रपुर निवासी अमनदीप कौर तक पहुंची। पुलिस के अनुसार, बलविंदर और अमनदीप के बीच करीब तीन वर्षों से बातचीत और संबंध थे। घटना की रात अमनदीप की लोकेशन भी घटनास्थल के आसपास मिलने का दावा पुलिस ने किया है।
पुलिस का आरोप है कि अमनदीप को डर था कि बलविंदर के साथ उसके संबंधों की जानकारी सामने आने से उसका वैवाहिक जीवन खतरे में पड़ सकता है। इसी आशंका के चलते कथित तौर पर उसने बलविंदर से हमेशा के लिए पीछा छुड़ाने की साजिश रची। आरोप है कि इसी साजिश के तहत बलविंदर को उसके ट्रक समेत आग के हवाले कर दिया गया।अगर बलविंदर के भाई को उस रात की घटना पर संदेह नहीं होता और वह हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए आगे नहीं आते, तो शायद यह मामला सड़क हादसा मानकर ही बंद हो जाता। लेकिन उनके शक ने पुलिस को जांच की दूसरी दिशा दिखाई और मोबाइल सर्विलांस के जरिए पुलिस कथित हत्या की साजिश तक पहुंच गई।
पुलिस ने अमनदीप कौर को गिरफ्तार कर लिया है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि वारदात में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं और ट्रक में आग लगाने की पूरी साजिश किस तरह रची गई थी। मामले के सभी पहलुओं की जांच जारी है।



