दस वर्षों से मांगें लंबित, स्वास्थ्य कर्मचारियों में बढ़ा आक्रोश

19 अगस्त से तीसरे चरण का आंदोलन
विधायक-महापौर के माध्यम से मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री को भेजेंगे ज्ञापन
हरिद्वार (चंद्रशेखर जोशी)। चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ, चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएं उत्तराखंड ने अपनी लंबित मांगों के निस्तारण को लेकर आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। संगठन अब 19 अगस्त से आंदोलन के तीसरे चरण की शुरुआत करेगा। इसके तहत प्रदेशभर के कर्मचारी विधायक, महापौर और अन्य जनप्रतिनिधियों के माध्यम से मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन प्रेषित करेंगे। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर लंबे समय से महानिदेशालय और शासन स्तर पर सकारात्मक वार्ता नहीं हो रही है। इससे कर्मचारियों में लगातार आक्रोश बढ़ रहा है। 18 अगस्त को प्रदेश के विभिन्न जिलों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, प्रमुख अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक और परिसर निदेशक के माध्यम से महानिदेशक, कुलपति एवं कुलसचिव को ज्ञापन भेजे गए।
प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेड़ा और महामंत्री सुनील अधिकारी ने कहा कि आंदोलन के दूसरे चरण में अधिकारियों के माध्यम से ज्ञापन भेजकर कर्मचारियों की समस्याओं के शीघ्र निस्तारण की मांग की गई, लेकिन अभी तक कोई ठोस पहल सामने नहीं आई है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो महानिदेशक कार्यालय देहरादून का घेराव कर वहीं धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी स्वास्थ्य महानिदेशालय की होगी।
प्रदेश पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों के सब्र का इम्तिहान लिया जा रहा है। कर्मचारी नियमों के दायरे में रहकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। संगठन ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात के लिए समय मांगा है। समय मिलते ही पदाधिकारी पिछले दस वर्षों में कर्मचारियों के साथ हुए कथित उत्पीड़न और शोषण का पूरा मामला उनके समक्ष रखकर कार्रवाई की मांग करेंगे। संगठन ने स्पष्ट किया कि 200 पदोन्नतियों से कम कोई समाधान स्वीकार नहीं किया जाएगा। पदाधिकारियों ने कहा कि इस मांग पर तत्काल कार्रवाई कर कर्मचारियों को न्याय दिया जाना चाहिए।
प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र तेश्वर, प्रदेश संगठन सचिव दिनेश गुसाईं, विपिन नेगी, जिलाध्यक्ष नवीन नवानी, उत्तरकाशी जिलाध्यक्ष महेंद्र पड़ियार समेत अन्य पदाधिकारियों ने आंदोलन को निर्णायक चरण तक ले जाने की बात कही। ज्ञापन देने वालों में दिनेश लखेड़ा, राकेश भंवर, मूलचंद चौधरी, महेंद्र पड़ियार, पुरण सतवाल, त्रिलोक सिंह, भोपाल शाह, राजेंद्र तेश्वर, अर्जुन पड़ियार, नवीन नवानी, रामप्रकाश भट्ट, ताजबर सिंह, मनीष पंवार, अनिल कुमार आदि शामिल रहे।




